अब मैं अपने पति के पास जाने से डरती हूँ, वह आज भी मेरे साथ जबरदस्ती करते हैं

January 22, 2018 by No Comments

*ये आर्टिकल किसी महिला के साथ हुआ पर्सनल इंसिडेंट है. हमारी पालिसी है, किसी शख़्स की आइडेंटिटी को पब्लिक नहीं किया जाएगा, जिसके तहत इसमें नाम को गुप्त रखा गया है*

मेरी उम्र 53 साल की हो गई है। मेरी शादी 21 साल की उम्र में हो गई थी। जब मैं अपने ससुराल आई तो बहुत डरी, सहमी सी रहती थी। नया घर था और नया माहौल भी। हर माँ की तरह मेरी भी माँ ने मुझे यही शिक्षा देकर भेजा था कि अपने पति, सास-ससुर को खुश रखोगी तो सुख पाओगी। मैंने तह-उम्र यही कोशिश की।

मैंने अपने सास-ससुर की बहुत सेवा की। उन्हें खुश रखने के लिए मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ी।  जिस दिन शादी कर मैं इस घर में आई, पहले ही दिन मुझे अपने पति को खुश करने के ठेका मेरी सास ने याद दिला दिया।  समाज में लड़कियों की सबसे महत्वपूर्ण ड्यूटी यही होती है की वह अपनी इच्छा की परवाह किये बिना दूसरों को खुश करती चली जाए।

मैंने भी किया, कितने साल बीत चुके हैं, लेकिन मुझे अपने पति से कभी प्यार नहीं हुआ। ये कहना बहुत ही उलझन जैसा है, की क्या अगर लव-मैरिज हो तभी पति-पत्नी के बीच प्यार होता है। मुझे इतना पता है कि शादी के कई साल बीत जाने के बाद, मेरे तीन बच्चे, जोकि अब सेटल हो चुके हैं। मैंने कभी अपने पति के तरफ से अपने लिए प्यार की भावना महसूस नहीं की।

मेरे पति के साथ मेरे शारीरिक संबंध, ऐसे थे, जैसे वह मेरी रूह को नोच रहे हो। मेरे मना करने के बावजूद मेरे पति ने कभी मेरी इच्छा की परवाह नहीं की। वह मुझे ऊँची आवाज़ में क्या, अपने सामने धीमी आवाज़ में भी बोलने नहीं देते थे। मैं यूं ही अपनी स्वीकृति दिए बिना उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाती गई, लेकिन कभी आत्मिक तौर से उनके साथ नहीं जुड़ी। आज हमारी शादी को 32 साल हो गए हैं। 

अब मैं अपने पति के पास जाने से डरती हूँ। वह आज भी मेरे साथ जबरदस्ती करते हैं। वह मुझे अपने बच्चों से भी दूर रखते हैं, उनसे ज्यादा बात नहीं करने देते। मैं इस रिश्ते से आजाद होना चाहती थी, लेकिन इस समाज औरतों के लिए बनाये गए नियमों को तोड़कर जाने से डरती हूँ। डरती हूँ की अगर किसी को बताउंगी भी तो सब यही कहेंगे, तुम्हारा पति है वो, ये तो उसका अधिकार है। लेकिन मेरा क्या ?

ज़िन्दगी के किसी पड़ाव पर अगर आप या आपका कोई भी नज़दीकी इस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ है तो हम आपसे अपनी व्यथा सांझा करने का अनुरोध करते हैं और साथ ही साथ आपकी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाये रखने का वादा भी करते हैं। तो आइये अपने अंदर की झिझक को मिटा अपने विचार सांझे करें और इस समाजिक बुराई को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ें।

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प्रियंका शर्मा

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