आइसलैंड के नए कानून से मुस्लिम और यहूदी हुए परेशान,बोले-ये धार्मिक आजादी पर हमला

February 23, 2018 by No Comments

नई दिल्ली-आइसलैंड में सरकार के नया कानून लाने की फिराक में है जिसके तहत देश में पुरुष खतने पर बैन लगाने की योजना है.इस मामले पर यहूदी और मुस्लिम दोनों समुदाय ने सरकार का विरोध किया है.गौरतलब है कि दोनों समुदायों में खतने की क्रिया अनिवार्य है.इस मामले पर एक मुस्लिम स्कॉलर ने पुरुषों के खतने पर बैन लगाने के योजना को धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है.

बीबीसी के अनुसार आइसलैंड की इस्लामिक कल्चर सेंटर के इमाम अहमद सिद्दीक ने बताया कि ख़तनों का चलन इस्लाम का अनिवार्य हिसा है,इसे आपराधिक कार्य के रूप में घोषित करना पूरी तरह से गलत है.इस कानून के खिलाफ देश के यहूदी संघटनो ने भी विरोध किया है.

आइसलैंड के संसद में प्रस्तुत इस कानूनी मसौदे के तहत किसी भी मजहबी या रस्मी तौर से खतना कराने वाले को छह साल तक कैद की सज़ा हो सकती है.इस कानून के समर्थक इस प्रक्रिया की तुलना महिलाओं के खतने से करते हैं और उसे लड़कों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हैं.यूएन के नियमों के तहत कई देशों में लड़कियों के खतने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

आइसलैंड में इस्लामिक कल्चर सेंटर के सदस्य इमाम अहमद सिद्दीक ने कहा कि दरअसल यह हमारी आस्था का हिस्सा है.यह हमारे धर्म से संबंधित है और हम मानते हैं कि यह उसका उल्लंघन है.आइसलैंड पुरुषों की खतना पर बैन लगाने वाला पहला देश बन जायेगा.

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