ईद मिलादुन्नबी के मौके पर दरगाह ने दिया मोहब्बत का पैगाम, सैय्यद बाबर ने कहा..

लखनऊ,उदयगंज सदर के सैय्यद शहीद शाह जहूर कादरी चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के दरगाह पर आल इंडिया मोहम्मदी मिशन के जेरे सरपरस्ती, सदाए सुफियाए हिन्द के सदर की मौजूदगी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम आयोजित किया गया.इस प्रोग्राम में सदाए सुफियाए हिन्द के सदर सैय्यद बाबर अशरफ ने लोगों को ख़िताब फरमाते हुए कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के द्वारा हमें अपने प्यारे नबी के अमन व इंसानियत के पैगाम को आम करना चाहिए. इस मुबारक मौके पर हमें गरीबों को दान, भूखों को खाना, यतीमों का सहारा, अशिक्षित को शिक्षित करने और उन तमाम सामाजिक व नैतिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए, जिससे समाज में खुशहाली व शांति का माहौल बना रहे.
आगे उन्होंने ख़िताब करते हुए कहा कि प्यारे नबी मोहम्मद सल्लाहु अलैह वसल्लम के जन्मदिन के मुबारक मौके पर हमें जुलूसे मोहम्मदी की शक्ल में शांति दिवस के रूप में मनाना चाहिए.क्योंकि हमारे प्यारे नबी ने जब इस दुनिया में जन्म लिया.तब हैवानियत अपनी चरम सीमा पर थी.गरीबों व यतीमों पर जुल्म होता था.समाज में असामनता का माहौल था.बच्चियों को जिन्दा दफना दिया जाता था.विधवाओं को हिकारत की नज़र से देखा जाता था.हर वो काम अपने उरूज पर था जिससे इंसानियत शर्मशार हो रही थी.मगर हमारे नबी ने बड़े इखलास व मोहब्बत के साथ अपना हुस्ने सुलूक पेश किया और नफरतों पर मोहब्बत का परचम बुलंद किया.
लिहाजा हमें जुलूस में इस बात का खास ख्याल रहे कि हमारी वजह से किसी को तकलीफ न पहुंचे.हम अपने जुलूस के माध्यम से लोगों तक अपने प्यारे नबी के पैगाम को पहुँचाने की हर वो कोशिश करें. जिससे मोहम्मद सल्लाहु अलैह वसल्लम के अनुयायियों का किरदार देखकर पूरी दुनिया व खुसूसी तौर पर हमारे अहलेवतन ये बोल पड़े कि पैगम्बर मोहम्मद सल्लाहु अलैह वसल्लम सम्पूर्ण ब्रहमांड के लिए रहमत बनकर आये.प्रोग्राम में मोहम्मदी मिशन के सदर सैय्यद,अय्यूब अशरफ,सैय्यद अहमद अशरफ,सैय्यद जुनैद अशरफ,मौलाना आरिफ नक्शबंदी,कारी जाकिर साहब,मो सईद,शाद सिद्दीकी व दीगर उल्माए किराम और मुख्तलिफ अंजुमनों के ज़िम्मेदारान मौजूद रहे.

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