“इस सरकार में “अच्छे दिन” तो अमित शाह के बेटे के आये हैं”

March 10, 2018 by No Comments

युवा राजनीति के मुद्दे पर AAP छात्र विंग CYSS के अवध प्रान्त अध्यक्ष वंशराज दुबे हमने बातचीत की.

युवा राजनीति में पिछले दिनों काफ़ी कुछ नया देखने को मिला। कैसे देखते हैं आप इस बदलाव को?
देखिये लोहिया जी कहते थे कि जब संसद आवारा हो जाये तो सड़क को गर्म करने की जरूरत होती है, 4 सालों में जिस तरह से युवाओं और नौजवानों के विकास के नाम पर जुमला और वादे मिले है उससे आज का युवा बेहद ही ठगा और खुद को लक्ष्य विहीन समझ रहा है वो भी तब जब देश की सत्ता के शिखर पर बैठा हमारा प्रधानमंत्री नौजवानो को पकौड़ा बेचने की सलाह देता हो , इस सब से कहीं न कहीं युवाओ में काफी रोष है जिससे आज युवा अपनी सक्रियता बना रहा है जो कि देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है.

बेरोज़गारी की समस्या नई तो नहीं है फिर इस सरकार से ख़ास नाराज़गी क्यूँ?
बिल्कुल जायज़ बात है कि आज हमारे देश मे बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है और कोई नई बात नही है, किंतु जब इस देश का पढ़ा लिखा नौजवान भाजपा सरकार को 2014 में इस बात पर पूर्ण बहुमत की सरकार देता है कि आप जब सत्ता में आएंगे तो हर साल 2 करोड़ युवाओ को रोजगार उपलब्ध कराएंगे, 4 साल पहले स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टैंडअप इंडिया के नाम पर आप पूरे देश मे वोट माँगते है तो जब ये सारी बाते आपकी अब जुमला साबित हो रही है तो बेरोजगार सवाल किससे करेगा? जब इस देश का नौजवान बड़ी बड़ी डिग्रियां लेने के बावजूद गली गली एक अदना सी नौकरी के लिए मारा मारा फिर रहा है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी के सुपुत्र जय शाह धनिया बेच कर कैसे अपनी सम्पति 1 साल में16000 गुना बढ़ा लेता है तो सवाल वर्तमान की सरकार से पूछा जाएगा।

एक तरफ़ विपक्ष बहुत सारी कमियाँ सरकार के निर्णयों में दिखाता है वहीं दूसरी ओर भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। क्या वजह है कि विपक्ष जनता से नहीं जुड़ पा रहा?
ये बिल्कुल ठीक बात है कि जबसे भाजपा की सरकार बनी 2014 में, पूरे देश मे विपक्ष की जिम्मेदारी जिस पार्टी को मिली उसका 48 वर्षीय युवा नेता हर 2 महीने पर अपनी छुटियां मनाने कभी अपने नाना के घर कभी कभी नानी के घर जाता रहा, जबकि राजनीतिक जीवन मे वो तब जब पूरा देश आपको एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी हो तो ये हाल होना जायज़ है और दूसरी तरफ जो अलग अलग राज्यो में जो भी दल या सरकार चल रही है उसको सुचारू रूप से न चलने देना, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण दिल्ली में हमारी आम आदमी पार्टी की सरकार और वहाँ के चुने हुए मुख्यमंत्री जी है जिनको आये दिन फर्जी तरीके से साजिश के तहत परेशान किया जाता है क्यूँकि ये जानते है कि अगर आम आदमी पार्टी को ठीक से काम करने दिया गया तो 5 साल बाद ये सब भाजपा और कांग्रेस की दुकान बंद कर देंगें, तो आपने खुद देखा कि कितने राज्यों में तोड़फोड़ करके अपनी सरकार बना लेना, इस वर्तमान की मोदी सरकार का सबसे बड़ा हथकंडा रहा।
रही बात चुनाव जीतने की तो ये किसी से भी नही छुपा है कि किस तरह से चुनाव जीतने के नाम पर लोकतंत्र की निर्मम हत्या होती आ रही है, EVM मशीन और चुनाव आयोग भी कई कई जगह सन्देह के घेरे में आई।
तो जब आप इस देश के संविधान की शपथ लेकर बाद में उसी संविधान को ताक पर रख कर तानशाही पर उतारू हो जाएंगे तो इस देश मे क्या दूसरे देशों में भी सरकार बना दे।

आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन नया है, ऐसे में इसके सामने क्या चुनौतियाँ हैं?
देखिये ये सही बात है कि आम आदमी पार्टी की छात्र विंग CYSS ( छात्र युवा संघर्ष समिति) फ़िलहाल उत्तर प्रदेश के लिए नया छात्र संगठन है किंतु जिस मजबूती के साथ आज छात्रों नौजवानों के हितों के लिए और उनके हकों और हकूकों के लिए CYSS पूरे प्रदेश में बेहद मज़बूती से पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद व उत्तर प्रदेश के प्रभारी आदरणीय श्री सजंय सिंह जी के मार्गदर्शन में संघर्ष कर रहा है ,निश्चित रूप से बहुत जल्द CYSS उत्तर प्रदेश में एक मजबूत छात्र संगठन होगा जो छात्रों की आवाज को सदैव बुलन्द करता रहेगा।

मोदी जी ने “अच्छे दिन” का वादा किया था,इस सरकार के अब तक के कार्यकाल में कितने “अच्छे दिन” युवाओं को मिले?
मोदी जी ने जिस अच्छे दिन का वादा किया था उस वादे को उन्ही के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले ही आप सभी पत्रकार बंधुओ के सामने एक एक करके जुमला घोषित कर चुके है। फिर भी आपके दूसरे सवाल कि “इस सरकार के अब तक के कार्यकाल में कितने “अच्छे दिन” युवाओं को मिले? के जबाब में मैं इतना जरूर कहना चाहूँगा कि अगर किसी युवा के अच्छे दिन आये तो वो ख़ुद BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी के सुपुत्र जय शाह जी के जिनकी संपत्ति में 1 साल के अंदर आपार बढ़ोतरी हुई, बाकी जब अच्छे दिन का नारा देना वाला ख़ुद ही बड़ी बड़ी डिग्रियां लेकर पढ़े लिखे युवाओ को पकौड़ा बेचने कि सलाह दे रहा हो , प्रधानमंत्री के कार्यलय से चंद क़दमों पर प्रतियोगी परीक्षाओं के कई हजारों की संख्या में हमारे नौजवान छात्र अपनी जायज माँगो को लेकर विगत कई दिनों से धरने पर बैठें हो और मोदी जी स्वं व उनका पूरा का पूरा मंत्रिमंडल होली की हुडदंग में ढोल नगाड़ों की थाप पर नाच रहे हो , धरने पर बैठे छात्रों की सुनवाई न हो रही हों, नौजवानों को एन्टी रोमियों और वेलेंटाइन डे के नाम पर पार्को में दौड़ा दौड़ा कर पीटा जा रहा हो , BHU जैसे बड़े प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में छात्र और छात्रओं को दौड़ा दौड़ा कर बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा जा रहा हो, तो भला कोई कैसे कह दे कि ये युवाओं के लिये अच्छे दिन वाली सरकार है।

युवा राजनीति में जिग्नेश, शहला, हार्दिक जैसे नेताओं के आने को किस तरह देखते हैं..
ये बेहद ही महत्वपूर्ण और अच्छा प्रश्न है आपका , आपने जिन तीनो युवा नेताओ का नाम लिया जिग्नेश भाई, बहन शहला और हार्दिक भाई वाकई आज इस देश की युवा राजनीति में इनका एक अहम किरदार है जो आज इस तांनाशाह सरकार को समय समय पर मजबूती से आईना दिखाने से कतई नही चूकते और इस देश के शोषित, पिछड़े तथा अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले हमारे तामाम युवा नौजवानों के हकों के लिए संघर्षरत रहते है, वाकई इनका इस देश की युवा राजनीति में बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *