‘इज़राइल जैसे देश से भारत को कोई कूटनीतिक सम्बन्ध नहीं रखना चाहिए’

January 14, 2018 by No Comments

लखनऊ/नई दिल्ली: इजराइल के प्रधानमंत्री आज से भारत के दौरे पर हैं लेकिन उनके इस दौरे का विरोध होना पहले से ही शुरू हो गया है.इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के ख़िलाफ़ हो रहे इस विरोध प्रदर्शन की वजह इजराइल की फ़िलिस्तीन के प्रति दमनकारी नीति है.इजराइल लगातार फ़िलिस्तीनी इलाक़ों पर क़ब्ज़ा किये हुए है और उन इलाक़ों में सेटलमेंट बना रहा है. इसके अलावा जेरूसलम को भी पूरी तरह से इजराइल अपने में मिलाना चाहता है.

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रवीण पांडे ने इज़राइल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा पर कहा कि नेतान्याहू साम्राज्यवादी देशों का प्रतिनिधि है और ऐसे देश के मुखिया का स्वागत करना या ऐसे देश के साथ किसी भी तरह का कूटनीतिक सम्बन्ध होना भारत जैसे देश के लिए निंदनीय है. उन्होंने कहा कि भारत ने लगातार साम्राज्यवाद से लड़ाई लड़ी है. इसी को लेकर हमने कई लोगों से बात की. लखनऊ के रहने वाले समाजसेवी शाह मुहम्मद अफ़ज़ल ने हमसे कहा कि जिसके हाथ ख़ून से सने हैं, जिसके दामन में मासूम बच्चों के ख़ून की छीटें,औरतों की चीख़ती आवाज़ें…. जो सड़को पे बहता हुआ मज़लूमो के ख़ून का ज़िम्मेदार हो..वो हिन्दुस्तान की पाक सरज़मींन पे अपना क़दम रखे ये मुझे बर्दाश्त नहीं, मैं इसकी दिल की गहराइयों से मुख़ालिफत करता हूँ. अफ़ज़ल ने कहा कि वो इसकी पुरज़ोर निंदा करते हैं.

लखनऊ विश्विद्यालय के छात्र वैभव मिश्रा ने इस बारे में कहा कि बेंजामिन नेतान्याहू एक सौदागर हैं और वो भारत में हथियारों का सौदा करने आये हैं जबकि उन्होंने भेष प्रधानमंत्री का लिया हुआ है. यूथ मैंडेट के सदस्य ज्योति राय ने हमसे बात करते हुए कहा कि इजराइल से दोस्ती रखने में बुराई नहीं है लेकिन ये ख़याल रखना होगा कि नेहरु के समय से भारत फ़िलिस्तीन का दोस्त रहा है और किसी भी हालत में फ़िलिस्तीन के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए.

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