पंजाब में इंदिरा गाँधी का पुतला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: अकाल तख़्त

October 31, 2017 by No Comments

चंडीगढ़: आज देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि है। पंजाब में सत्तारूढ़ कैप्टेन सरकार ने लुधियाना शहर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का पुतला लगाने का फैसला लिया है। पंजाब में सरकार के इस फैसले की शिवसेना हिंदुस्तान ने भी काफी सराहना की है। उन्होंने शहर में इंदिरा गांधी के शहीदी दिवस को समर्पित बुत लगाने के कदम का डटकर समर्थन करने का ऐलान किया।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष संजीव देम, मनोज टिंकू, मनी शेरा, राजिंदर सिंह भाटिया और योगेश बख्शी ने एक मीटिंग के दौरान ये बात कही है कि पंजाब में आतंकवाद के खात्मे को लेकर श्रीमती इंदिरा गांधी ने बलिदान देकर राज्य में अमन और शांति बरकरार रखने का अहम रोल अदा किया और इसके इसके लिए वे उनके शुक्रगुजार हैं। शिव सेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय प्रधान पवन कुमार गुप्ता का कहना है कि पंजाब में इंदिरा गाँधी का पुतला लगाने कुछ शरारती तत्व विरोध कर रहे हैं। क्यूंकि वे इसे ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए सिखों के परिवारों की भावनाएं आहत होने से जोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के वक़्त सिर्फ सिख ही नहीं बल्कि हजारों हिंदुओं की भी हत्या हुई थी। लेकिन इंदिरा गांधी का बुत लगाने का विरोध करना सही नहीं है। उन्होंने विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। वहीँ अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पंजाब सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कैप्टेन सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार का ये फैसला पंजाब का माहौल खराब कर सकता है।

अगर लुधियाना में देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी का पुतला लगाने का फैसला बरकरार रहता है तो पंजाब का माहौल खराब होने का खतरा पैदा हो सकता है। इस मामले में पंजाब सरकार को एक बार फिर से विचार करने की जरूरत है। क्यूंकि अगर ऐसा होता है तो पंजाब का माहौल खराब हो सकता है। जिसके लिए पंजाब सरकार जिम्मेदार और जवाबदेह होगी।
यहाँ पर इंदिरा गांधी का पुतला लगाना मतलब सिखों के जख्म कुरेदने जैसे है। इसलिए ऐसा हो सकता है कि सिख इंदिरा गांधी का बुत पंजाब में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

 

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