इंसान का पहला बाल सफ़ेद होना अल्लाह का है ऐसा इशारा जो सभी को जानना चाहिए लेकिन

December 16, 2018 by No Comments

क्या आपको कोई डराने वाला वाक़ेया नही मिला? क्या कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई अच्छा खासा नौजवान बन्दा आपके सामने से गुज़रा हो औऱ अचानक से ट्रक उसको कुचल कर चला गया हो?यह हादसे साथ होते ही रहेंगे जो हर शख्स को डराते ही रहेंगे उलेमाओं ने कहा है कि इंसान के बालों का सफेद होना भी उस डर की तरह है।बालों का सफेद होना शुरू होना भी एक डर की शुरुआत है.
जब तक इंसान जवानी रहता है तब तक के बाल काले रहते हैं जिस दिन आपके सरकारिया दाढ़ी का पहला बाल सफेद हो गया तो समझ लो कि अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है जब बच्चा पैदा होता है तो उसके बाल कमजोर होते हैं जैसे जैसे वह बड़ा होता है इसके बाल मजबूत और घने होने लगते हैं लेकिन जैसे ही इंसान का एक भी बाल सफेद होता है तो उसका दर बढ़ जाता है कि अब हम बुढ़ापे की तरफ जा रहे हैं एक बार का किस्सा है मेरे एक दोस्त ने मुझसे कहा कि यार मुझे भी शादी के बारे में समझाओ तभी मैंने उनको समझाना शुरू किया लेकिन वहां बैठे एक बूढ़े आलिम ने मेरी बातों को काटना शुरू कर दिया।

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वह मेरी हर बात पर कहते कि ऐसे नहीं यह गलत है वह गलत है और मैं उनको बुजुर्ग समझकर खामोश हो जाता कि यह मुझसे उम्र में बड़े हैं मैं जितनी भी दलीलें देता वह उन सब को काट देते हैं और कहते कि यह सब गलत है और मैं उनकी अहतराम में खामोश हो जाता।तब मेरे दोस्त जिन से मैं बात कर रहा था और शादी के बारे में समझा रहा था उन्होंने मुझसे कहा की रहने दो यह नहीं समझेंगे क्योंकि उनकी उम्र हो गई है।
मैं शादी के बारे में कितनी दलीलें देता था वह उसको काट देते थे तब मेरे दोस्त ने कहा कि वह बोले हो गए हैं और अब इनको शादी के नाम से नफरत हो गई होगी इसलिए यह तुम्हारी दलीलों को काट रहे हैं लेकिन अगर मैं यही सारी बातें छोटे बच्चों के सामने करता तो वह सारे काम छोड़ कर मेरी बातों पर ध्यान देते यहां तक कि अगर कोई सो रहा होता तब भी वह खड़े हो जाते शादी की बातों को सुनने के लिए।

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जैसे जैसे इंसान बचपन से जवानी की तरह मिलता है उसने हजार तरीके की उमंगे पैदा हो जाते हैं वह सोचता है कि मैं यहां घूम लूं वहां घूम लूं यह कर लूं वह कर लो लेकिन जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती है और उसके बाल सफेद होते हैं हड्डियां कमजोर होती हैं.तो उसके अंदर की यह मांगे धीरे धीरे खत्म होने लगती है मेरे अब्बा जान का वाक्य है वह कहते थे कि जब मैं जवान था.
तब मुझे अमेरिका जाना भी मुश्किल नहीं लगता था लेकिन इस उम्र में मुझे बाथरूम जाना भी मुश्किल लगता है मैंने अपना पुराना फ्लैट वेट कर नया फ्लैट खरीद लिया क्योंकि उस फ्लैट में बाथरूम थोड़ा दूरी पर था और मुझे परेशानी होती थी इसलिए मैंने थोड़ा छोटा फ्लैट खरीदा ताकि मुझे बाथरूम जाने में कोई परेशानी ना हो।

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अब आप ही सोचिए जो इंसान अमेरिका लंदन जापान जाने से परहेज नहीं करता था उसके लिए बाथरूम जाना कितना मुश्किल हो गया।ऊपर की शुरुआत कहां से होती है जब हमारा पहला बाल सफेद होता है वहीं से हमारे उम्र ही उल्टी गिनती शुरू हो जाती है हड्डियां कमजोर होने लगती है।आप चाहे कितने भी नुस्खे अपना लें आपके बालों को कोई काला नहीं कर सकता है लोग ना जाने क्या-क्या लगाने लगते हैं अपने बालों में।
ऐसा करने से धीरे धीरे हमारे बाल सफेद होने की जगह गिरने लगते हैं और तब हमें अफसोस होता है बाल सफेद हो रहे थे तभी ठीक था कम से कम बाल थे तो सही और अभी हम अपने सफेद बालों को लेकर ही परेशान थे तब तक हमारी कमर भी जितने लगती है और धीरे-धीरे हमारे पूरे शरीर के जोड़ों में दर्द शुरू हो जाती है कभी बाएं घुटने में दर्द तो कभी मां घुटने में दर्द एक वक्त ऐसा आता है कि हमने इस दर्द की आदत ही हो जाती है.

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