पैलेट गन से आँखें गंवाने वाली इंशा मुश्ताक़ दसवीं पास कर घाटी में लड़कियों के लिए बनी नया आदर्श

January 11, 2018 by No Comments

श्रीनगर: साल 2016 में जम्मू-कश्मीर में फैली अशांति के बीच सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन से प्रदर्शनकारियों पर हमले में कई लोग जख्मी हुए थे। लोगों के शरीर और जेहन में आज भी पैलेट गन के निशान ज़िंदा हैं।

इस दौरान कश्मीर के शोपियां की इंशा मुश्ताक एक हिंसक प्रदर्शन के दौरान अपने घर की खिड़की से बाहर झाँक कर देख रही थी, तब सुरक्षाबलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर दागी गई पैलेट गन की चपेट में वह आ गई और इसमें इंशा की आँखों की रौशनी चली गई। इंशा 2016 में पैलेट गन विरोध का चेहरा बन गई थी।

दिल्ली में कई महीनों तक चले इलाज के दौरान, डॉक्टर उसकी आँखों की रौशनी वापिस लाने में नकामयाब रहे। इसके बावजूद इंशा ने अपने अंदर की हिम्मत और जज्बे को बरकरार रखा। इंशा ने इस साल दसवीं की बोर्ड परीक्षा पास कर ली है। आंखों की रोशनी गंवा चुकी इंशा ये मुकाम हासिल कर कश्मीर जैसे राज्य में यहाँ आये दिन अशांति फैलने की खबरें आती हैं, अपने सपनों को उड़ान देने के लिए फड़फड़ा रही लड़कियों के लिए नए आदर्श के तौर पर उभरी हैं।

न्यूज़ एजेंसी भाषा से बात करते हुए इंशा ने कहा कि मैंने संगीत विषय लिया और मैं उसे पास कर गई। अब मां-बाप से परामर्श करने के बाद मैं आगे की पढ़ाई के लिए विषय का चुनाव करूंगी। आपको बता दें की 9 जनवरी को जम्मू-कश्मीर में 10वीं के नतीजों का ऐलान किया गया है। इसमें 62 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। इंशा उन 43,000 विद्यार्थियों में है जिन्होंने यह परीक्षा पास की है।
आँखों की रोशनी गवाने के बाद भी साहस और दृढ संकल्प के चलते इंशा ने पढ़ाई जारी रखी। वह कहती थी, आंखों की रोशनी गई है, लेकिन अब मैं खुद को ही नहीं दूसरों को भी रोशन करूंगी। इंशा ने अपने परिजनों, अध्यापकों और दोस्तों की मदद से पढ़ाई की और नौवीं से 10वीं में पहुंच गई। इंशा उन्हें पढ़ाने आने वाले टीचर द्वारा दिए गए लेक्चर को रिकॉर्ड करती थी और बार-बार उसे सुनती थी।

इंशा मुश्ताक की इस कामयाबी पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने उन्हें बधाई दी है, वहीँ राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने उन्हें 10 वीं कक्षा पास करने पर गैस एजेंसी देने का एलान किया है।

[get_Network_Id]

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *