ईरान को ‘ख़त्म’ करने की कोशिश में अमरीका लेकिन ईरान के पास है ये अहम् दाँव

October 26, 2018 by No Comments

ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे से ताजा प्रतिबंधों से बेहाल ईरान इस स्थिति से बाहर आने की कवायद में जूझ रहा है। इसके लिए वह एशिया की तरफ बड़ी उम्मीद से देख रहा है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक ईरान अपनी आर्थिक हालत में सुधार के लिए भारत समेत बाकी एशियाई देशों को तेल की कीमत में भारी छूट देने के बारे में भी सोच रहा है ताकि उसकी खस्ताहाल होती जा रही अर्थव्यवस्था को कुछ बल मिल सके। 

अमेरिका द्वारा ईरान पर परमाणु प्रतिबंध लगाने का असर भारतीयों पर भी पड़ने की संभावना है। दोनों देशों के बीच जारी तनातनी के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम 100 रुपये के करीब पहुंच सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो फिर आम आदमी के मासिक बजट पर काफी असर पड़ेगा। 

भारत के लिए ईरान तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर
इराक और साउदी अरब के बाद ईरान कच्चे तेल का भारत में सबसे बड़ा सप्लायर है। प्रतिबंध लगने के बाद पूरी दुनिया में कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार पर बोझ बढ़ेगा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी लाइट क्रूड डब्ल्यूटीआई का भाव 69.94 डॉलर प्रति बैरल था जो पिछले करीब एक महीने का उच्चतम स्तर है, जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव 78.05 डॉलर प्रति बैरल था। ब्रेंट क्रूड में डेढ़ महीने से ज्यादा समय के बाद इतनी बड़ी तेजी आई है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने खुद को 2015 न्यूक्लियर डील से अलग करके ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने की बात कही थी और 5 नवंबर से उसके प्रतिबंध का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इसके बाद ईरान पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने पर पाबंदी लग जाएगी। ऐसा होने पर ईरान की आर्थिक हालत कमज़ोर होगी लेकिन साथ ही पश्चिमी यूरोप के देशों के लिए संकट उत्पन्न हो जाएगा. ईरान के पास एक तो यही दाँव है कि वो इन देशों में तेल की सप्लाई रोक दे, इसके अलावा ईरान रूस के साथ मिलकर अमरीका के ख़िलाफ़ मोर्चेबंदी कर सकता है.

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