ताक़तवर ईरान के आगे इज़राइल झुका, नेतन्याहू ने माना…

September 25, 2018 by No Comments

अरब जगत मे यू तो बहुत से छोटे छोटे देश हैं ,कुछ अमीर हैं तो कुछ गरीब। कुछ कमज़ोर हैं तो कुछ ताकतवर । ऐसा ही एक ताक़तवर देश का नाम है ईरान । ईरान हमेशा ही अमेरिका ,पश्चिमी देशों और इजरायल की आँखों मे खटकता रहता है । ईरान कभी भी पश्चिमी देशों के दबाव मे नहीं रहता है । उसे जो करना होता है वह करके रहता है ।

इज़राइल उस पे आतंकवादी संगठनों की मदद का इलज़ाम लगाता रहता है। अमेरिका भी ईरान के परमाणु प्रसार कार्यक्रम को पसंद नहीं करता है। इसके बावजूद भी अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्र ईरान से जंग करने से हमेशा बचते नज़र आते हैं । ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब सीरिया में हमले के बाद प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ युद्ध से बाहर निकलने के फैसले का ऐलान किया ।

डेली सबाह के मुताबिक, नेतन्याहू ने यम किपपुर युद्ध की 45 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करते हुए कहा कि हम ईरान के साथ युद्ध करना नहीं चाहते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी साफ कहा कि अगर ईरान हमारे उपर हमला करता है तो हम अपनी पूरी ताक़त के साथ जवाबी कार्यवाही करेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि ईरान खुलेआम इजरायल के विनाश की बात कहता है, हम ईरान की तरफ से खुद की सुरक्षा के लिये जो ज़रूरी होगा वह काम जारी रखेंगे. हालाँकि ईरान के अधिकारी बार-बार कहते रहे हैं कि वो इजराइल से क्या डरेंगे जब वो अमरीका को कुछ नहीं समझते.

उल्लेखनीय है सीरिया मे असद शासन ने सोमवार को एक रूसी विमान को गलती से नष्ट कर दिया जिसमें 15 रूसी सैनिक मारे गये। यह अजीब बात है कि उसी शाम इज़राइल ने इस युद्ध-ग्रस्त देश में अपने हमलों की शुरुआत की थी। इज़राइल का कहना है कि वह ऐसे विमान को निशाना बना रहा था जिस मे हथियारों के निर्माण प्रणालियों को ले जाया जा रहा था । इज़राइल का कहना है कि यह ईरान की तरफ से लेबनानी शिया समूह हिज़बुल्लाह को भेजा जा रहा था।

इसके बाद इज़राइल और रुस के बीच तनाव की ख़बरें भी आई थीं। जिस पर दोनों देशों के राष्ट्र अध्यक्षों ने बात भी की थी। कुछ जानकर इस घटना को भी इज़राइल के युद्ध से अलग होने का कारण बता रहे हैं।

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