अमरीकी धम-कियों से नहीं डरेंगे, जारी रखेंगे मिसा-इल परी-क्षण: ईरान

सुपर पावर अमेरिका का यह दोहरा चरित्र है कि खुद तो विनाश कारी बम बनायेगा, उनका परिक्षण करेगा और दूर किनारे पर बसे छोटे से देश पर परमाणु हम-ला कर देगा लेकिन अरब जगत मे कोई राष्ट्र पर-माणु प्रसार के बारे मे सोचता है तो अमेरिका और उसके सहयोगियों को बिल्कुल नहीं भाता। अमेरिका अपनी ताक़त दिखा कर , प्रतिबंध लगाकर उस राष्ट्र को दुनिया से अलग थलग करने की कोशिश करता है। अरब जगत के शक्तिशाली राष्ट्र ईरान भी अपने पर-माणु प्रसार कार्यक्रम के कारण अमेरिका और पश्चिमी राष्ट्रौ की आँख मे चुभता रहता है ।लेकिन ईरान का साफ़-साफ़ कहना है कि उसका मिसा-इल परीक्षण और समग्र रक्षात्मक क्षमता देश के रक्षा उद्देश्यों को पूरा करने के लिए है और यह ईरान की सुरक्षा नीति के अनुरूप है।

ईरान का कहना है कि अमेरिका द्वारा उठाए गए प्रतिकूल कदमों के बावजूद वह अपनी सुरक्षा नीति के अनुरूप मिसा-इलों का विकास और परीक्षण जारी रखेगा।ईरान की और से यह बयान दिया है अबुल फजल शेकारची ने,जो ईरान सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता है। उनका कहना है कि यह मुद्दा किसी भी वार्ता के ढांचे के बाहर है और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का हिस्सा है। हमे इस संबंध में किसी देश की अनुमति की जरूरत नहीं है। शेकारची ने आगे बताया कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को आश्वासन दिया है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम अन्य देशों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

शेकारची की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के बैलि-स्टिक मिसा-इल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प (यूएनएससीआर) 2231 का उल्लंघन हैं। माइक पॉम्पियो ने ईरान की गतिविधियों की निंदा करते हुए पर-माणु हथि-यार गिराने के लिए डिजाइन की गईं बैलि-स्टिक मिसा-इलों से संबंधित सभी गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग की थी। ईरान की और अमेरिका की इस मांग को,हास्यास्पद बताते हुए खारिज कर दिया गया है

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