अमरीका कह कुछ भी ले, हक़ीक़त यही है कि वो ईरान से हार गया: ख़ुमेनी

November 4, 2018 by No Comments

ईरान और संयुक्त राज्य अमरीका में लम्बे समय से ख़राब रिश्ते हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जबसे सत्ता संभाली है तब से सम्बन्ध और बिगड़े हैं. अमरीका एक तरह से अपनी मनमानी कर रहा है और इसको ईरान मान नहीं रहा. इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने शनिवार को छात्रों को संबोधित करते हुए एक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने पूरे 40 साल के ट-कराव में अमेरिका को हरा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर 1979 में क़ब्ज़ा करने की बरसी के एक दिन पहले खामनेई ने छात्रों के साथ एक बैठक के दौरान यह बयान दिया।उन्होंने कहा कि अमेरिकी ताकत में पहले के मुकाबली कमी आई है।

खामनेई ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य व आर्थिक दबाव के बावजूद अमेरिका अपने मकसदों में विफल रहा है।खामनेई ने छात्रों को बताया, ‘सच यह है कि पूरे 40 साल के संघर्ष के दौरान जो पक्ष पराजित हुआ है वह अमेरिका है और जिसकी जीत हुई है वह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान है। अमेरिका हार गया है क्योंकि उसने कभी लक्ष्य हासिल किए बगैर हमले शुरू किए हैं।’ईरानी क्रांति के समर्थक छात्रों ने 4 नवंबर 1979 को तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जा कर 52 अमेरिकी नागरिकों को एक साल से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा था। खामनेई ने कहा, ‘अमेरिका 40 साल पहले जितना ताक़तवर था, आज उसके मुकाबले काफी कमज़ोर है।’उन्होंने कहा कि दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति के हर फैसले का विरोध करती है। खामनेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसलों का न सिर्फ जनता, बल्कि सरकारें भी विरोध करती हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को ईरान के तेल निर्यात पर कठोर प्रतिबंध लगाने वाले हैं। अमेरिका ने सिर्फ 8 देशों को अस्थायी तौर पर ईरान से तेल का आयात करने की अनुमति दी है, जिनमें भारत भी शामिल है। खामनेई ने अमेरिकी प्रतिबंध को व्यर्थ बताया और कहा कि उन्होंने ईरान को आर्थिक और राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बना लिया है।

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