डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों ने अमरीका को किया अकेला?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जब सत्ता संभाली थी तो उन्होंने कई ऐसी बातें कही थीं जिससे अमरीका ही मित्र देश अमरीका से नाराज़ हो गए थे. ट्रम्प ने इसके बाद भी विवादित बयान देना जारी ही रखा. ट्रम्प के कार्यकाल में कई बार ऐसा हुआ जब अमरीका और नार्थ कोरिया टकराव के नज़दीक थे. ये सब किसी तरह ठीक ही हुआ था कि अमरीका ने इज़राइल की राजधानी जेरूसलम को मान कर फिर से नया विवाद खड़ा कर दिया.

इज़राइल और फ़िलिस्तीन के बीच जहाँ लगातार ये कोशिश हो रही है कि शांति की स्थापना हो वहीँ अमरीका के इस फ़ैसले ने अमरीका को अकेला सा कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र में कल पड़े इमरजेंसी वोट में अमरीका को सिर्फ़ 8 और देशों का समर्थन मिला जिसमें इज़राइल भी शामिल है.जिन देशों ने अमरीका का समर्थन किया है वो सभी बहुत छोटे देश हैं जिनमें नॉरू, ग्वाटेमाला, और होंडुरस जैसे देश हैं.वहीँ अमरीका के मित्र देश फ्रांस, जर्मनी,ब्रिटेन जैसे देशों ने अमरीका का खुल कर विरोध किया है.तुर्की ने तो अमरीका को चेतावनी भी दे दी कि वो डॉलर के ज़रिये देशों की इच्छा ख़रीदने की कोशिश कर रहा है.

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यिप एरदोगन ने अमरीका के दबाव में ना झुकने की सलाह सभी देशों को दी.उन्होंने कहा कहा कि लोकतंत्र का केंद्र कहलाया जाने वाला देश दूसरे देशों की सोच को डॉलर से ख़रीदना चाहता है. उन्होंने कहा कि हमारा फ़ैसला साफ़ है और हम ये सबसे कह रहे हैं कि अपनी इच्छा को चंद डॉलर के लिए मत बेचिए.

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