क्या एरदोगन से डर गया EU?; रिफ्यूजी लोगों के हक़ में लेने जा रहा है ये फ़ैसला

March 13, 2018 by No Comments

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यिप एरदोगन का लोहा पूरी दुनिया मानती है. उनकी नेतृत्व क्षमता और दुनिया भर में उनकी कूटनीति का सम्मान वो लोग भी करते हैं जो उन्हें पसंद नहीं करते. यूरोपियन यूनियन से कई बार एरदोगन अलग-अलग मुद्दों पर अपनी नाराज़गी दिखा चुके हैं. शायद इसी का नतीजा है कि यूरोपियन यूनियन नहीं चाहता कि तुर्की के नेता को कोई और नाराज़गी की वजह दी जाए.

इसी वजह से यूरोपियन यूनियन एग्जीक्यूटिव ने फ़ैसला कर लिया है कि वो तुर्की में रह रहे सीरिया के रिफ्यूजी लोगों के लिए 3.7 बिलियन डॉलर की मदद करेगा. एरदोगन जल्द ही यूरोपियन यूनियन एग्जीक्यूटिव से मिलने वाले हैं.बीते दिनों यूरोप और तुर्की के रिश्तों में खटास रही है. यूरोपियन यूनियन के ऑफिशियल्स २६ मार्च को एरदोगन से मुलाक़ात करेंगे. तुर्की ने सीरिया के 35 लाख रिफ्यूजी को अपने यहाँ रखा है और यूरोपियन यूनियन भी उनकी मदद के लिए ३ बिलियन यूरो ख़र्च कर रही है.

गौरतलब है कि 2011 से चले आ रहे सीरिया गृह युद्ध में ISIS की हार हुई है लेकिन अभी भी जंग जारी है. बशर अल असद की सेना और विद्रोहियों के बीच जंग चल रही है. एरदोगन इसके पहले भी यूरोपियन यूनियन से नाराज़ रहे हैं. वो इस मुद्दे पर भी नाराज़ रहे हैं कि तुर्की को यूरोपियन यूनियन में शामिल नहीं किया जा रहा है. पिछले साल उन्होंने कहा था कि तुर्की 54 साल से यूरोपियन यूनियन के दरवाज़े पर इंतज़ार कर रहा है, ये स्थिति तुर्की राष्ट्र को थकाती है और उसे फ़ोर्स करती है कि वो कोई आख़िरी फ़ैसला ले.एरदोगन ने सीरिया के मुद्दे पर भी यूरोपियन यूनियन की आलोचना की. उन्होंने कहा कि तुर्की 35 लाख सीरियाई लोगों को अपने यहाँ जगह दिए है जिसमें से 2 लाख 70 हज़ार टेंट और कंटेनर सिटी कैंप में हैं. उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन ने कहा था कि वो बहुत बड़ी मदद देगा लेकिन बहुत कम ही मदद यूरोपियन यूनियन से मिली है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *