मध्यावधि चुनाव के नतीजे ट्रम्प के पतन की शुरुआत हैं?

November 8, 2018 by No Comments

नई दिल्ली: अमेरिका में हुए मध्यावधि के चुनाव के नतीजों ने समीकरण बदल दिए हैं. डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत अभी दोनों सदनों में था, लेकिन अब निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेट्स बहुमत में आ गए हैं. उच्च सदन सीनेट में रिपब्लिकन का बहुमत बना रहेगा. इससे ट्रंप के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. चुनाव में रूस के दखल मामले की जांच भी आगे बढ़ सकती है और उन पर महाभियोग चलाने का माहौल भी बन सकता है.

पिछले कुछ सप्ताह से आक्रामक ढंग से प्रचार कर रहे ट्रंप ने परिणामों को लेकर संतोष जताया और इसे जबरदस्त सफलता के रूप में वर्णित किया। ट्रंप ने एक ट्वीट किया, ‘आज रात जबरदस्त सफलता, सभी को धन्यवाद।’ निवर्तमान सदन में रिपब्लिकन पार्टी के पास 235 सीटें थीं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी की 193 सीटें थीं। अमेरिकी कांग्रेस में भारतीय अमेरिकियों के अनौपचारिक समूह कथित ‘समोसा कॉकस’ के सभी चार निवर्तमान सदस्य प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से चुने गए। इसमें राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और एमी बेरा को जीत मिली। नेंसी पेलोसी (78) के प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष के रूप में फिर से निर्वाचित होने की उम्मीद है। प्रतिनिधि सभा भारत की लोकसभा के समान है।

इन परिणामों से वाशिंगटन में शक्ति संतुलन बदल जाने की आशा है। साल 2016 में हुये चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत था पर अब मध्यावधि चुनावों के परिणाम से राष्ट्रपति ट्रम्प को शासन चलाने में कठिनाई का अनुभव हो सकता है। हालांकि देश भर में मतगणना अभी जारी है और कुछ राज्यों में मतदान चल भी रहा है। बता दें कि इन चुनावों के नतीजे इसलिए भी काफी अहम हैं क्योंकि इनमें ट्रंप के पिछले दो साल के कामकाज का परीक्षण परिणामों के रूप में निकलेगा। दो साल पहले आम चुनाव में जीत हासिल करने वाले ट्रंप यदि अमेरिकी कांग्रेस के लिए होने वाले मध्यावधि चुनाव को हार जाते हैं तो यह उनके लिए एक बड़ा झटका होगा। ओपिनियन पोल के मुताबिक इन चुनाव में डेमोक्रेटों को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। जबकि मंगलवार को भारी मतदान शुरू हुआ।

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