इसको दुआ मागने से पहले अव्वल और आख़िर में पढ़े, इंशा-अल्लाह हर दुआ क़ुबूल होगी

दोस्तों को सलाम वालेकुम रहमतुल्ला हीरो बरकात हो दोस्तों आज हम आपके सामने एक ऐसी दुआ लेकर आए हैं जिसको अगर किसी चीज के आगे और पीछे ना लगाया जाए तो वह दुआ कुबूल नहीं होती है तो दोस्तों आइए जानते हैं यह कौन सी दुआ है दोस्तों एक हदीस का मौसम है कि हज़रत अबू हुरैरा रजि अल्लाह ताला अन्हा से रवायत है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि जो शख्स मुझ पर एक बार दुरूद भेजेगा अल्लाह पाक उस पर 10 रहमत नाजिल करेगा और उसके १० गुनाह माफ फरमाएगा और साथ ही उसे उसके 10 दर्जे बुलंद कर देगा.
दोस्तों डुरुद शरीफ गुनाहों का काफ्फरा है और दुरुद शरीफ से हर अमल पाक हो जाता है दरूद शरीफ पढ़ने से अंदर जा बुलंद होता है दोस्तों ने खादी से यह भी साबित है कि दुरु शरीफ होने वाले को ओहद पहाड़ के बराबर सवाब मिलता है दोस्तों को क्यों जिस नबी के हमारे ऊपर इतने अहसान आप हैं हम उनके लिए एक बार दुरूद भी नहीं पढ़ सकते.

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हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने इस उम्मत के लिए इतना तकलीफ उठाई है और किसी भी नबी ने ऐसी तकलीफ नहीं उठाए खुद हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम कहते हैं कि इस दिन के खातिर जितनी मैंने तकलीफ उठाई है किसी और नबी ने नहीं उठाई.
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दोस्तों हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो वाले वसल्लम कि मोहब्बत में हम उनके लिए दुरु शरीफ पढ़ा करें और इस से हमें बहुत फायदा भी है अल्लाह पाक इसके जरिए हमारी परेशानियों को दूर कर देता है और हमें गमों से निजात अदा कर देता है इसमें से दोस्तों एक बात यह है कि दुर शरीफ पढ़ने से इंसान को भूल ही हुई बात याद आ जाती है.

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