नाम’र्द से शादी होने पर बीबी क्या करे ?..इस पर मौलाना ने कहा-

दोस्तों इस्लाम एक ऐसा मज़हब है जिसमें जिंदगी के हर मुश्कि’ल मसले का हल है.ये अलग बात है शायद आप के इल्म में मसले का हल ना हो और आप किसी मुफ़्ती या मौलवी से इस्लाम की राय ले.एक ऐसा ही मसला है आज हम बताने वाले है.मशहूर अलीमे दीं मौलाना मु’फ़्ती मसूद ने अपने एक विडियो में एक ऐसे ही मसले पर इस्लाम का नजरिया बताया है.उनके किसी खातून ने फ़ोन करके कहाकि उनका पति ना’म’र्द है.

मोहतरमा ने कहाकि शादी बाद उन्हें इसका पता चला जब वो सोहबत करने में नाका’म रहा.इसके बाद वो परेशान है.मौलाना मसूद ने कहाकि उन्होंने मोहतरमा को सब्र के साथ फैसला लेने को कहा.

मौलाना ने कहाकि आप पहले अपने शौहर का इला’ज करवाए अगर इ’लाज़ के बाद वो सही हो जाते है फिर मसला ख’त्म हो जायेगा लेकिन अगर फिर भी वो कुवत नही हासिल कर पा रहे है.

तो मोहतरमा खुला ले सकती है.मौलाना ने कहाकि इस्लाम औरतो को भी रिश्ता ख’त्म करने की इजाजत देता है बशर्ते वज़ह सही हो.मौलाना मसूद कहते है शौहर की नार्म’दी एक ऐसा वज़ह है जिस पर औरत अपने शौहर से अलग हो सकती है.

मौलाना मसूद ने कहाकि औरत को हर मामले में शौहर के बराबर शादी कायम रखने और तोड़ने का हद है.मौलना मसूद ने कहाकि इस्लाम में औरत के लिए शौहर के फ़र्ज़ है वही शौहर के लिए औरत के लिए फ़र्ज़ है.

मौलाना कहते है शादी एक सुन्नत है इसको सही उम्र में पूरा कर लेना चाहिए.ज्यादा उम्र में शादी से भी मसले खराब होते है.

मौलाना मसूद का कहना है परिवार बढ़ने के डर या आमदनी ना होने की वज़ह से शादी ना करने का मसला ईमान की कमी है.अल्लाह ने हर कीसी की रोज़ी रोटी का इंतज़ाम किया है.

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