इसलिए मुस्लिम के घरो में ज्यादा पैदा होती हैं बेटियाँ, मौलाना ने बताया इस्लाम में…

January 11, 2019 by No Comments

दोस्तों अल्लाह पाक कुरान में फरमाता है कि अल्लाह पाक को सारे जमीन और आसमान की बादशाही ज़ेबा है और वह जिसे चाहता है बेटियां देता है और जिसे चाहता है बेटा देता है अल्लाह इससे चाहता है वीडियो देता है और जिसे चाहता है बेटा देता है, दोस्तों पहले अल्लाह ने बेटियों का जिक्र किया बाद में बेटे का जिक्र किया.
लोग कहते हैं कि इस्लाम में बेटियों की अहमियत क्या है तो उनके लिए यही जवाब है कि कुरान पहले बेटी की तज़किरा से पहले बेटी का तज़किरा करता है दोस्तों इस मौलाना सैयद अमीनुल कादरी साहब कहते हैं कि बेटी की पैदाइश पर बात से ज्यादा मां का चेहरा उतर जाता है और वह कहती हैं कि पहली बेटी पैदा हुई फिर दूसरी भी बेटी पैदा हुई और तीसरी भी बेटी पैदा हो गई.

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मौलाना कहते हैं मेरी बहन अगर तेरी पैदाइश पर तेरी मां बाप भी ऐसा ही करते तो सोच तेरा क्या होता तू भी तो किसी की बेटी ही है तू 50 साल की हो जाए या 70 साल की हो जाए लेकिन तू है तो किसी की बेटी ही, दोस्तों मौलाना ने कहा कि बेटी को बोझ समझने वालों बेटी को अपने लिए बोझ समझने वालों बेटी से चिढ़ने वालों यह बिल्कुल भी सही नहीं है.
बेटी से मोहब्बत करना चाहिए अल्लाह के रसूल और सहाबा एक मर्तबा कहीं जा रहे थे तो रास्ते में एक घर पड़ा जिसमें से नूर निकल रहा था अल्लाह के रसूल से सहाबा ने पूछा या रसूल अल्लाह इस घर से नूर क्यों निकल रहा है तो अल्लाह के रसूल ने कहा जाकर पता करो.

या तो इस घर में किसी यतीम की परवरिश हो रही होगी या फिर इस घर में बेटी की विलादत हुई होगी, मेरे दोस्तों अल्लाह पाक जब हम से सबसे ज्यादा खुश होता है तो वह हमारे घर में बेटियां पैदा करता है अल्लाह जिससे खुश होता है उसको बेटियां देता है.

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