क्या इज़राइल ने मान लिया है कि फ़िलिस्तीन अब उसको टक्कर दे लेगा, यही वजह है कि हार स्वीकारी..

November 17, 2018 by No Comments

ज़ायोनी शासन की सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया है कि हमने चालीस साल पहले तीन अरब देशों से युद्ध किया और जीत गए लेकिन आज हम हमास से नहीं जीत सकते क्योंकि वो हमसे अधिक ताकतवर है फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध के मुक़ाबले में इस्राईली सेना की पराजय की बात स्वीकारा है।आपको बता दें कि इस्राईली समाचार पत्र मआरियो के मुताबिक ज़ायोनी सेना के आरक्षित अधिकारी ब्रिगेडियर ज़ीका फ़ूगल ने ज़ायोनी शासन के सैन्य अधिकारियों की आलोचना करते हुए उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने राजनैतिक भविष्य के लिए इस्राईल की सुरक्षा का सौदा कर लिया है जो देश को खोखला कर देगा दरअसल जो ब्रिगेडियर ज़ीका फूगल पहले दक्षिणी क्षेत्रों में इस्राईली सेना के चीफ़ आॅफ़ स्टाफ़ थे।

फ़ूगल ने कहा है कि ज़ायोनी शासन के राजनैतिक अधिकारी ग़ज़्ज़ा में हमास के मुक़ाबले में इस्राईली सेना की प्रतिरोधक क्षमता का खत्म होने के लिए ज़िम्मेदार हैं क्योंकि उनके लिए कुर्सी और राजनैतिक पद, इस्राईल की सुरक्षा से अधिक अहम है। ऐसे में माना जाता है कि इस्राईल को कोई भी देश कितना नुकसान पहंचा दे लेकिन वो अगर कुर्सी की लड़ाई होगी तो वो पहले कुर्सी के लिए लड़ेंगे न कि अपने देश के लिए। गौरतलब है कि इस्राईल के इस सैन्य अधिकारी ने कहा कि ज़ायोनी शासन के साथ हालिया टकराव में हमास के प्रतिरोध का प्रदर्शन किया वह इस्राईल के प्रतिरोध से अधिक बेहतर था उन्होंने कहा कि ग़ज़्ज़ा में चार दिन तक चलने वाली झड़प में हम सबसे कमज़ोर पोज़ीशन में आ गए थे और ऑपरेशन की दृष्टि से कुछ भी करना हमारे बस में नहीं था बस अंत में रक्षामंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि हम सब को सोचना होगा कि हमास को रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए और हम क्या कर सकते हैं, हमने चालीस साल पहले तीन अरब देशों से युद्ध किया और जीत गए लेकिन आज हम हमास से नहीं जीत सकते हैं। ज़ीका फ़ूगल के मुताबिक ज़ायोनी शासन इस समय अपनी सुरक्षा के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

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