इज़राइल ने इस अरब देश का पानी बंद करने की धमकी दी..

October 23, 2018 by No Comments

जॉर्डन एक छोटा सा अरब देश है।यह अकाबा खाड़ी के दक्षिण में, सीरियाई मरुस्थल के दक्षिणी भाग में स्थित है।इसके पड़ोसियों की बात करें तो देश के उत्तर में सीरिया, उत्तर-पूर्व में इराक, पश्चिम में पश्चिमी तट और इज़रायल और पूर्व और दक्षिण में सउदी अरब स्थित हैं। जॉर्डन, इज़रायल के साथ मृत सागर और अकाबा खाड़ी को नियंत्रण करता है। जॉर्डन का ज्यादातर हिस्सा रेगिस्तान से घिरा हुआ है, हालांकि जॉर्डन नदी के साथ, उपजाऊ भूमि भी है।

जार्डन ने 1994 मे इज़राइल के साथ “वादी अरबा” नामक शांति समझौता किया था।जिसके अनुसार जार्डन ने व्यापारिक संबंध बनाने के लिये अलग़म्र और अलबाक़ूरा नामक दो क्षेत्रों को 25 साल के लिये इज़राइल को पट्टे पर दे दिया गया था। इज़राइल के किसान यहाँ खेती करते है ।यह संधि 25 अक्टूबर को समाप्त हो रही है।

जाॅर्डन नरेश अब्दुल्लाह द्वितीय ने रविवार को घोषणा की थी कि शांति संधि की अवधि समाप्त होने के बाद अलग़म्र और अलबाक़ूरा को इज़रायल से वापस ले लिया जाएगा। उन के इस फैसले का उनके देशवासियों ने स्वागत किया है।आप को बता दें कि जार्डन मे सिविल सोसायटियों की और से सरकार पर काफ़ी दबाव था कि वह अपने क्षेत्र को इज़राइल से वापस ले लें ।

जार्डन नरेश की इस घोषणा के बाद इज़राइल की और से तीखी प्रतिक्रिया आई है। यहाँ तक कि ज़ायोनी शासन के कृषि मंत्री ओरी अरईल ने जाॅर्डन को धमकी दे डाली कि अगर जाॅर्डन ने बाक़ूरा और ग़म्र के क्षेत्रों को इस्राईल से वापस लेने की बात की तो तेल अवीव, अम्मान का पानी बंद कर देगा। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि अगर जाॅर्डन और इस्राईल के बीच शांति समझोता समाप्त होता है तो इज़राइल ,जार्डन के पानी के भाग को आधे से भी कम कर देगा।

उल्लेखनीय है कि जार्डन नदी पर इज़राइल और जार्डन दोनों का नियंत्रण है। हालांकि इज़राइल के प्रधानमंत्री बैंजामिन नैत्नयाहू ने संयम से काम लेते हुए सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वह जार्डन से संधि की अवधि को आगे बढ़ाने की बात करेंगे।

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