जानिये कौन से राज्य में भाजपा समर्थित सरकार को मिल सकता है झटका, गिरने के आसार

चेन्नई: तमिलनाडु में सियासत पूरे चरम पर है. AIADMK की सरकार पर तलवार लगातार लटकी हुई है. DMK खेमा मज़बूती से खड़ा है और कोशिश में है की वो विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करा ले. ऐसा होने पर DMK को उम्मीद है की वो कांग्रेस और AIADMK के बाग़ी विधायकों की मदद से पलानीस्वामी सरकार को गिरा देंगे.

इसी सिलसिले में आज DMK के वर्किंग प्रेसिडेंट एम् के स्टॅलिन ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव से मुलाक़ात करके फ्लोर टेस्ट की मांग की. उन्होंने राज्यपाल को बताया की उनके पास 89 DMK विधायक, 8 कांग्रेस विधायक, 1 IUML विधायक और 21 AIADMK बाग़ी विधायकों का समर्थन है. अगर फ्लोर टेस्ट होता है 234 सीटों की विधानसभा में AIADMK को 118 सीटों का समर्थन दिखाना होगा, इससे कम एक भी सीट होगी तो सरकार अपने आप गिर जायेगी. स्टॅलिन जानते हैं की AIADMK जिसके कुल विधायकों की संख्या 135 है अब टूट चुकी है. पार्टी में दरार होने की वजह से ही 21 बाग़ी DMK के साथ खड़े हैं.

ऐसा माना जाता है की AIADMK को केंद्र की सत्ता पे क़ाबिज़ भाजपा का समर्थन है लेकिन भाजपा के पास राज्य में एक भी सीट नहीं है.

स्टॅलिन ने ये भी कहा कि अगर राज्यपाल एक हफ्ते के अन्दर फ्लोर टेस्ट नहीं बुलाते हैं तो वो क़ानून का दरवाज़ा खटखटाएंगे. उन्होंने कहा की राज्यपाल ने आश्वासन दिया है की वो इस पर निर्णय लेंगे.

दूसरी और ई पलानीस्वामी का खेमा नहीं चाहता कि किसी भी तरह का कोई फ्लोर टेस्ट जल्दी में हो. पलानीस्वामी को पता है की उनके पास बहुमत नहीं है और ऐसे में फ्लोर टेस्ट होने से पहले बाग़ी विधायकों को किसी तरह मना लिया जाए.

हालाँकि फिलहाल बाग़ी विधायक मानने की सूरत में नहीं लग रहे हैं. DMK खेमा पूरी तरह से मज़बूत नज़र आ रहा है. इस पूरे मामले में भाजपा के बड़े नेता भी लगे हुए हैं जबकि कांग्रेस भी अपने दांव खेल रही है.

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