जानिये BHU में छात्राएँ क्यूँ कर रही हैं विरोध; क्यूँ मुंडवाया एक छात्रा ने सिर… क्या है पूरा मामला !

बनारस: देश में केंद्र सरकार द्वारा बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं की बात करती है। लेकिन जब बेटियां पढ़ने के लिए शिक्षण संस्थानों में जाती हैं तो उनकी सुरक्षा के इंतज़ाम को नजरअंदाज किया जाता है। देश के तमाम शिक्षण संस्थानों छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं आम बात है।

गुरुवार शाम को बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के त्रिवेणी हॉस्टल के बाहर एक छात्रा के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की।छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर प्रो.ओएन सिंह को फोन पर बताया तो कार्रवाई के बजाय उल्टा छात्राओं को ही वे भला बुरा कहने लगे और कहा कि 6 बजे के बाद हॉस्टल के बाहर क्यों घूम रही थीं।

जिसके बाद से छात्राएं कॉलेज के गेट के बाहर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठी हुई हैं। पीएम मोदी दो दिन के लिए वाराणसी दौरे पर हैं। लेकिन दिनभर बीएचयू गेट पर हंगामा होता रहा। छेड़खानी से परेशान विरोध कर रही छात्रा आकांक्षा ने तो अपना सिर ही मुंडवा लिया है।विरोध कर रही छात्राओं के आंदोलन को कुछ छात्रों द्वारा तोड़ने की कोशिशें भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र, अध्यापक और हॉस्टल वार्डेन वहां पहुंच कहने लगे की यहाँ प्रदर्शन करने से कुछ नहीं होगा। हमें वीसी के दफ्तर के सामने जाकर प्रदर्शन करना चाहिए.

जब भीड़ टूटने की कगार पर आ गयी तो कुछ लड़कों और लड़कियों ने उनकी चाल को भांप लिया और उन्हें वहां से चलता कर दिया।
ये लोग इस आंदोलन किसी भी तरह से रोकने के पक्ष में नहीं हैं। छात्रों ने वहीँ पर अपने खाने-पीने का सामान जुटा लिया है और कुछ छात्र वहां पर वहां कलर्स और चार्ट लेकर बैठे हैं और कार्टून बना रहे हैं।

एक छात्रा से छेड़खानी के बाद सामने आई यूनिवर्सिटी प्रशासन की सच्चाई ये है कि वे छात्राओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें ये नसीहते और तौर-तरीकों से वाकिफ करवा हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए, कब कैंपस से बाहर जाना चाहिए और कब वापिस आना चाहिए।

कॉलेज हॉस्टल में रह रही छात्राओं ने कहा है कि वे यहाँ पर सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। रात में यहाँ पर कोई सुरक्षाकर्मी नहीं होता है। छेड़खानी की घटनाएं यहाँ पर आम बात है। शिकायत करने पर भी सुनवाई इस लिए नहीं होती क्यूंकि इसमें प्राक्टोरियल बोर्ड के लोग भी शामिल हैं।

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