युवाओं में पॉपुलर हैं जिग्नेश मेवानी, यूं रहा इनका वकील से विधायक बनने का सफर…

December 18, 2017 by No Comments

बनासकांठा: गुजरात की वडगाम सीट से दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने जीत दर्ज की है। जिग्नेश ने लगभग 21 हजार वोटों से बीजेपी प्रत्याशी चक्रवर्ती विजयकुमार हरकाभाई को हराया है। जिग्नेश को कुल 95,497 वोट मिले हैं, जबकि हरकाभाई को 75,801 वोट मिले हैं। जिग्नेश मेवानी ने इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसपर उन्हें कांग्रेस का समर्थन हासिल था। जिसके चलते कांग्रेस ने इस सीट से अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था।
जिग्नेश की जीत को लेकर वडगाम में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी जिग्नेश को उनकी जीत के लिए बधाइयां मिल रही है।
सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर जिग्नेश मेवानी ट्रेंड कर रहे है। हैशटैग #JigneshMevani में उन्हें लोग इस जंग को जीतने के लिए बधाइयां दे रहे हैं।
बात करें जिग्नेश मेवानी की तो 37 साल के जिग्नेश पेशे से वकील हैं और वकालत के साथ-साथ वह सामाजिक कार्यों में लगे रहते हैं।
गुजरात के ऊना दलित कांड के बाद ही जिग्‍नेश दलित नेता के रूप में सामने आये। उन्होंने ऊना दलित कांड के बाद दलित आंदोलन शुरू किया और उसका अहम चेहरा बनकर उभरे हैं।

जिग्नेश ने ‘आजादी कूच’ नामक एक आंदोलन शुरू किया। जिसमें उन्होंने लगभग 20 हजार दलितों को एक साथ मरे जानवर न उठाने और मैला न ढोने की शपथ दिलाई थी। जिग्नेश देशभर में युवाओं के लिए एक रोल मॉडल बन गए हैं। युवाओं में पॉपुलर हो चुके जिग्नेश मेवानी अंग्रेजी, गुजराती और हिंदी काफी अच्‍छे से बोलते हैं। जिग्नेश अहमदाबाद के दलित बहुल इलाके में रहते हैं।इसके साथ जिग्नेश गुजरात के पूर्व ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट मुकुल सिन्हा के ‘जन संघर्ष मंच’ का भी हिस्सा बने। इस दौरान उन्होंने दंगा पीड़ितों और वर्कर यूनियन के लिए लड़ाई लड़ी। गुजरात के दलित समुदाय के लोग जिग्नेश की बहुत इज्जत करते हैं। जिग्नेश के वडगाम से विधायक बनने के बाद अब गुजरात के दलित समुदाय की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद की जा सकती है।

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