JNU-VC भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं- शाहज़ाद पूनावाला

नई दिल्ली: दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में आ गई है। जेएनयू के प्रशासनिक ब्लॉक के निकट सीढ़ियों पर बिरयानी बनाकर यूनिवर्सिटी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 4 छात्रों पर जुर्माना लगाया है।
दरअसल इस साल 27 जून को जेएनयू में चार स्टूडेंट्स पर 27 जून को प्रोटेस्ट करने और उस दौरान ऐडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक पर बिरयानी बनाने के लिए फाइन लगाया गया है। प्रशासन ने इसे अनुशासन का उल्लंघन बताया है और 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

साथ ही, चेतावनी दी गई है कि आगे ऐसी घटना ना हो। एबीवीपी का कहना है कि वह बीफ बिरयानी थी। दरअसल जेएनयू ने लंबी जांच के बाद ये कार्रवाई अब की है। इन छात्रों ने खुद को बेक़सूर बताया था और कहा था कि उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। अब प्रशासन ने इन लोगों को ये जुर्माना चुकाने के लिए 10 दिन का वक्त दिया है। जिन छात्रों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें जेएनयू छात्रसंघ के महासचिव शत्रुपा चक्रवर्ती भी हैं। उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।


8 नवंबर को भेजे गए इस नोटिस में चीफ प्रॉक्टर कौशल कुमार की ओर से कहा गया है कि उन्हें 27 जून को जेएनयू वीसी, प्रशासन और प्रो अतुल जौहरी के खिलाफ प्रोटेस्ट लीड करने और नारे लगाने का दोषी पाया गया है। इसके साथ इसमें कहा गया है कि कोई भी धरना, प्रदर्शन जो अकैडमिक एक्टिविटी को डिस्टर्ब करे, वो अनुशासनहीनता है।

बिरयानी से जुड़े इस विवाद को राजनीतिक रंग में रंगा जा रहा है। इस मामले में जहाँ एक तरफ बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने न्यूज़ चैनल टाइम्स नाउ से बातचीत करते हुए कहा है कि इन छात्रों को जेल भेजने की मांग की है। वहीँ कांग्रेस युवा नेता शहजाद पूनावाला जेएनयू का प्रशासन अब बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है।

पूनावाला ने कहा कि जेएनयू के नये वाइस चांसलर बीजेपी के एजेंडे को जेएनयू को लागू कर रहे हैं। पूनावाला ने टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि वीसी छात्रों को प्रताड़ित करते हैं, उनपर झूठे केस लगाते हैं और और उन्हें राष्ट्र विरोधी साबित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन कोर्ट में यूनिवर्सिटी प्रशासन के ये सारे आरोप धड़ाम से गिर जाते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी को चाहिए की जेएनयू जैसे राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं का माहौल खराब नहीं किया जाए।
वहीं बीजेपी की सहयोगी जेडीयू का कहना है कि छात्र को किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए लेकिन बिरयानी बनाकर खाने में कुछ भी गलत नहीं है।

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