जो शोहर अपनी कमाई बीवी के हाथ में देते हैं, वो हजरत मोहम्मद(स.अ.व्.) का ये फरमान सुन लें…

January 28, 2019 by No Comments

इस्लामी खानदान में मिया बीवी को एक दूसरे का हमदर्द एक दूसरे का पर्दा होना चाहिए और बहुत ही समझदारी से काम लेना चाहिए दोनों एक दूसरे के लिए बने हुए है वो उसके लिए ओढ़ना बिछौना है और ये इसके लिए ओढ़ना बिछौना है जिस तरह लिबास बदन को छिपता है और इंसान के हुस्न को निखरता है ठीक उसी तरह शौहर और बीवी भी है.
शौहर और बीवी को ये करना चाहिए कि एक दूसरे की कमी को छुपाये और सबर से काम ले एक दूसरे के खूबियों को निगाह में रख्खे और बेहतर से बेहतर सूरत में अपने बाहमी तालुकात को जाहिर करें हुजूर अकरम सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि कामिल मोमिन वह है जिसके खिलाफ अच्छे हैं और तुम में से सबसे बेहतर वह है जो अपने बीवियों के साथ अच्छा सुलूक करता है.

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दोस्तों इस हदीस ए मुबारक से मालूम होता है कि इंसान को अपने एखलाक बहुत अच्छे रखना चाहिए क्योंकि बेहतरीन इंसान वह है जो अपनी बीवियों से अच्छे सुलूक के साथ पेश आता है और उनके साथ अच्छा रवैया रखता है इसी के साथ रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम ने एक बात और इशाद फरमाए.
उन्होंने कहा कि अगर मैं किसी को हुकुम देता कि वो अल्लाह के सिवा किसी और को सजदा करे तो औरत को हुक्म देता कि वह अपने मर्द को सजदा करें कसम है मुझे उस परवरदिगार की औरत अपने परवरदिगार की हुक्म को अदा ना करेगी जब तक अपने शौहर की हुकूक को ना अदा कर दे.

दोस्तों इस हदीस ए मुबारक का में रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम इरशाद फरमा रहे हैं कि अगर वह किसी मखलूक को सजदा करने के लिए कहते तो वह औरत को मर्द पर सजदा करने के लिए कहते हैं क्योंकि औरत को बताया गया है कि उसके शौहर कि उसके जिंदगी में कितनी अहमियत है यानी कि इस्लामिक ऐसा मजहब है जिसमें मर्दो को कुछ तालीमात दी गई है और औरतों के हवाले से भी कुछ तालीमात दी गई है, आगे देखें वीडियो में.

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