सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में मीडिया रिपोर्टिंग करने पर लगे बैन को हटाने के लिए 9 पत्रकारों ने दायर की याचिका

December 27, 2017 by No Comments

गुजरात: साल 2005 में हुए सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में रिपोर्टिंग करने पर पर पाबंदी लगाने के फैसले के खिलाफ मुंबई के पत्रकारों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में महाराष्ट्र सरकार, जांच एजेंसी सीबीआई और मामले में 23 आरोपियों को पार्टी बनाया गया है।
कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ मुंबई के कुल 9 पत्रकारों ने मिलकर याचिका दायर की है जो शहर के प्रमुख अखबार, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक न्यूज़ चैनल और वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, पत्रकारों द्वारा दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि 29 नवंबर, 2017 को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा मीडिया रिपोर्टिंग पर दिया गया आदेश कानूनी तौर पर और संविधान के अनुसार सही नहीं है।
क्यूंकि ये मामला लोगों से जुड़ा है और इसमें 25 के करीब कई पूर्व पुलिस अधिकारी आरोपी हैं। गौरतलब है कि इस मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गुलाब चंद कटारिया जैसे नेता और डीजी वंजारा जैसे कई दूसरे पुलिस वालों के खिलाफ आरोप खारिज हो चुके हैं। लेकिन बाकी आरोपियों के मामले की सुनवाई में मीडिया रिपोर्टिंग पर बैन लगाना मीडिया की आजादी को खत्म करने जैसा है।

इसलिए मामले में मौके पर कवरेज बहुत जरूरी है।अदालत का आदेश CRPC की धारा 327 के तहत कोर्ट को मीडिया पर पाबंदी लगाने का अधिकार ही नही हैं, जब तक कि मुकदमा इन-कैमरा ना हो।  इस मामले में बहुत पहले से मीडिया रिपोर्टिंग की जा रही है और अब इस इसपर रिपोर्टिंग करने के लिए मीडिया पर पाबंदी लगाने का कोई तुक नही बनता।

वकील की जान को खतरे का हवाला देकर जज ने इस मामले में मीडिया रिपोर्टिंग न किये जाने का आदेश दिया है, जबकि मीडिया रिपोर्टिंग से उन्हें कोई खतरा नहीं है।  आपको बता दें की साल 2005 में हुई फर्जी मुठभेड़ में गुजरात और राजस्थान की पुलिस ने सोहराबुद्दीन की हत्या की बाद में उसकी पत्नी कौसर बी और इस मामले में चश्मदीद गवाह तुलसीदास प्रजापति की हत्या कर दी गई।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *