अयोध्या विवाद पर जज का बयान….राम-मन्दिर बनाने के लिए कानून नही बना सकते है,संविधान…

October 29, 2018 by No Comments

लखनऊ-अयोध्या विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू हो गयी है लेकिन कोर्ट में सुनवाई से पहले ही यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व सीएम योगी से लेकर बीजेपी के कई नेताओ ने कोर्ट में फैसल मंदिर के पक्ष में ना आने पर संसद से कानून बनाकर मन्दिर निर्माण की बात कही है.
भाजपा नेताओ के बयानों के बाद क़ानूनी जानकारों का कहना है ये इतना आसान नही है जितना भाजपा नेता समझ रहे है कानून जानकारों के अनुसार, तमाम अधिकार होने के बाद भी संसद को मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों पर क़ानून बनाने का अधिकार नहीं है.इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस गिरधर मालवीय ने इस पर अपनी राय दी है.
पूर्व जज ने ये कहा-
इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज और संविधान के जानकार जस्टिस गिरधर मालवीय बीजेपी के बयानबाज़ी को गलत और कानून की कम जानकारी बता रहे है. उनका मानना है कि संसद के पास ऐसा करने का अधिकार ही नहीं है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि क़ानून बनाने के नियम हैं और उन नियमों के तहत कम से कम मंदिर निर्माण के लिए क़ानून तो बनाया ही नही जा सकता है.
जनभावना का कोई मतलब नही
जस्टिस मालवीय का कहना है कि इस मामले में कोई ट्रायल नहीं होना है. सुप्रीम कोर्ट अपील पर सुनवाई कर रही है.इसलिए फैसला आने में वक्त नहीं लगेगा.उनका कहना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच रिकार्ड के मुताबिक़ ही सुनवाई करेगी और अपना फैसला सुनाएगी. इसमें जन भावनाओं का कोई मतलब नहीं है.
ऐसे आएगा फैसला
जस्टिस गिरधर मालवीय का कहना है कि बेंच में सुनवाई शुरू होने के बावजूद केस का फैसला आने में समय नही लगेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछली बेंच में हुई सुनवाई के रिकॉर्ड्स फाइलों में दर्ज होते हैं.उनका मानना है कि अगर पक्षकारों ने इस मामले में बेवजह की तारीख नहीं ली, तो फैसला आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भी आ सकता है.

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