कामयाबी की सीढ़ियाँ चढ़ रही हैं कृति सैनन

2014 की तेलुगु फ़िल्म 1: नेनोक्कादिने से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत करने वालीं कृति सैनन आजकल हिंदी फ़िल्मों में अपनी मज़बूत जगह बनाने में कामयाब हो गयी हैं. 2014 में ही रिलीज़ हुई हिंदी फ़िल्म हीरोपंती से कृति ने बॉलीवुड में शानदार एंट्री की. इस फ़िल्म को यूँ तो टाइगर श्रोफ़ को ध्यान में रखकर बनाया गया था लेकिन जब ये फ़िल्म रिलीज़ हुई तो कृति की भी कम चर्चा नहीं हुई.

गाँव की शालीन लड़की के किरदार में कृति की आलोचकों ने भी तारीफ़ की. उम्मीद से बेहतर कमाई करने वाली इस फ़िल्म ने कृति को बॉलीवुड में ठीक ठाक जगह दे दी थी लेकिन उनको और अधिक पहचान मिली शाहरुख़ ख़ान और काजोल की दिलवाले. दिलवाले फ़िल्म यूं तो बहुत अच्छी नहीं रही लेकिन कृति के काम की तारीफ़ इस फ़िल्म में भी हुई.

इसके बाद सुशांत सिंह राजपूत के साथ उनकी फ़िल्म राबता कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा सकी लेकिन हाल ही में रिलीज़ हुई बरेली की बर्फ़ी में बिट्टी मिश्रा के किरदार की ख़ासी तारीफ़ हुई है. एक घरेलु-आधुनिक लड़की के किरदार में कृति ने कमाल की अदाकारी की है. एक छोटे शहर की प्रष्टभूमि पर आधारित इस फ़िल्म की कहानी भी अच्छी थी और इसके सभी किरदार दर्शकों को अच्छे लगे. आयुष्मान खुराना और राजकुमार राव के इलावा इस फ़िल्म में सीमा पाहवा और पंकज त्रिपाठी ने भी शानदार एक्टिंग की है. अच्छे अदाकारों के साथ कृति की अदाकारी भी और निखर कर आयी है. जहाँ बाक़ी फ़िल्मी हीरोइने इस कोशिश में हैं कि वो कितने ग्लैमरस किरदार करें वहीँ कृति हर तरह के किरदार निभाने की कोशिश में हैं.

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