काबे का गिलाफ जब हवा में उड़ा तो ऐसा क्या दिखा जो आज से पहले कभी दिखाई नहीं दिया, आप भी ज़ियारत करलें…

October 21, 2019 by No Comments

दुनिया भर से लाखों लोग सऊदी अरब के मक्का शहर में मौजूद खाना ए काबा का दीदार करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। गौरतलब है कि खाना ए का’बा में एक बंदा दरवाजा नमू’दार हुआ जिसे दुनिया की अ’क्सी’रात ने पहली बार देखा। इस दुनिया में कोई ऐसी जगह नहीं जो खाना ए काबा की तरह मुक’द्दस और मरकजी हैसियत रखती हो और यह दीनी इ’स्ला’म का मुकद्दस मुकाम है।

रोजाना हजारों नहीं बल्कि लाखों लोग खाना ए का’बा का त’वा’फ किया करते हैं। खाना ए काबा के मुकद्दस तस्वीर लाखों घरों की जीनत है और करोड़ों मु’सलमा’न इस मुकाम को अपना कि’ब’ला मानकर और इसकी जाने पर रुक कर के पांच वक्त की न’मा’ज अदा करते हैं। अगर उसकी तारीख के बारे में बात की जाए तो मालूम होता है कि ह’ज’रत इब्रा’हिम अ’लैहिस्स’ला’म की कायम करता बगैर छत के एक मुस्तकीम नुमा इमारत थी।

khane kaba


जिसके दोनों तरफ दरवाजे थे जो जमीन के बिल्कुल बराबर थे। जहाँ से हर खास और आम शख्स को गुजरने की इजाजत थी। इस की ता’मी’र में 5 पहाड़ों के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था जबकि इसकी बुनियाद में आज भी वही पत्थर शामिल है। जो हजरत इब्राहिम अलै’हि’स्सला’म ने रखे थे। नाजरीन खाना ए का’बा की तामीर कई मर्त’बा हो चुकी है।

खाना ए का’बा जिस तरह से हमें आज नजर आता है यह वैसा नहीं है। जैसा हज’रत इब्रा’हिम अली सलाम और हज’रत इ’स्मा’इल अली सलाम के बार में तमीर हुआ था। वक्त के साथ पेश आने वाले कुदरत अ’फता’त और हा’दसा’त की वजह से इसको दोबारा तामीर करने की जरूरत पड़ी थी। बेशक हम सभी जानते हैं कि खाना ए का’बा की दोबारा तामीर का बड़ा हिस्सा नबी ए करीम स’ल्ल’ल्ला’हू अ’ले’ही व’सल्ल’म की जिंदगी में न’बुव’त मिलने से पहले मुमकिन हो चुका था।

इसके बाद आने वाले भक्तों में कई मर्तबा खाना ए का’बा की तामीर होती रही है। आखिर में खाना ए काबा की तामी’र 1996 में हुई थी जिसके नतीजे में बहुत सारे पत्थर को हटा दिया गया था और बुनियाद को मजबूत करके नई छत डाली गई थी और यह अब तक की आखिरी तामीर है।

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