मशहूर नारीवादी लेखिका कमला दास को गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि, आज के दिन रिलीज़ हुई थी उनकी बायोग्राफी

February 1, 2018 by No Comments

आज गूगल ने अपने होमपेज पर डूडल बनाकर देश की मशहूर नारीवादी कवयित्री और लेखिका कमला दास को श्रद्धाजंलि अर्पित की है।
आज के दिन ही कमला दास की आत्मकथा माई स्टोरी साल 1977 को प्रकाशित हुई थी। इस किताब का अनुवाद 15 विदेशी भाषाओं में किया जा चुका है।

दास ने महिलाओं की सेक्सुअल जिंदगी और शादी-ब्याह से जुड़ी परेशानियों को अपनी रचनाओं में उतारा। उन्होंने नारी विमर्श पर अपने और सामाजिक विचारों पर खुलकर बहुत कुछ लिखा। उनकी बायोग्राफी ‘माई स्टोरी’ को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और ये किताब काफी विवादास्पद रही। लेकिन उनकी ये किताब जितनी विवादों में घिरी, दुनियाभर में इसने उतनी ही प्रसिद्धि भी हासिल की।
उनकी इस किताब में पुरष प्रधान समाज की धारणाओं पर इस तरह से वार किया कि सब हिलाकर रख दिया। क्यूँकि उस वक़्त में किसी महिला द्वारा उसकी यौन इच्छाओं को इतने बोल्ड तरीके से अपनी रचनाओं में डालने के लिए स्वीकार नहीं किया जाता था। जिस कारण काफी हंगामा मचाया गया था। ‘माई स्टोरी’ में उन्होंने अपने जीवन से जुडे़ हर पहलू का उल्लेख किया है।

इस किताब की रिलीज को उनके परिवार वालों ने रुकवाने की कोशिश की। उनका मानना था कि घर की निजी बात का ढिंढोरा इस तरह पीटना सही नहीं है। लेकिन इस किताब के विरोध ने कमला दास पर सकरात्मक प्रभाव डाला, और पूरी दुनिया में उन्हें एक नई पहचान दिलाई।
नतीजा ये हुआ कि घरेलू और सेक्सुअल हिंसा से परेशान महिलाओं ने कमला दास को अपना आदर्श माना। कविता की दुनिया में दास के योगदान को देखते हुए देश ने उन्हें ‘मदर ऑफ मॉडर्न इंडियन इंग्लिश पॉयट्री’ से नवाजा गया। उनकी रचनाएं आज भी महिलाओं के लिए आदर्श साबित हो रही हैं।

मलयालम में वो माधवी कुट्टी के नाम से लिखती थीं, जोकि उनकी नानी का नाम था। अंग्रेजी में वह खुद के नाम यानी कमला दास के नाम से लिखती थी। आपको बता दें कि कमला दास की जिंदगी पर जल्द ही मलयालम भाषा में ‘आमी’ फिल्म रिलीज होने वाली है। कमला दास को बचपन में उनका परिवार इसी नाम से बुलाता था।

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