देश, हिंदुत्व के रास्ते पर चलकर नहीं बाबासाहेब के लिखे हुए संविधान के रास्ते पर चलकर ही बदलेगा: कन्हैया कुमार

March 13, 2018 by No Comments

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन के एक सेशन ‘द यंग तुर्क्स: द फ्यूचर ऑफ आइडेंटिटी पॉलिटिक्स’ में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हार्दिक पटेल, JNU के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, JNU की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद, BJYM के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज रोहित चहल और लेखिका और कलुमनिस्ट शुभ्रस्था शामिल हुए। इस दौरान इनके बीच जबरदस्त बहस हुई। इस बहस का मुद्दा था, आइडेंटिटी पॉलिटिक्स।

 इस दौरान कन्हैया कुमार से पूछा गया की देश के युवा नेता होने के चलते आपको बेरोज़गारी जैसे मुद्दे पर बात करें, आप युवाओं की बात करें, आप क्यों किसी धर्म जाति, समुदाय के साथ जोड़कर मुद्दे को उठाते हैं। जैसे की आप पटेलों के लिए ही क्यों शिक्षा या रोज़गार की मांग क्यों करते हैं ? इस पर जवाब देते हुए कन्हैया ने कहा कि आज का मुद्दा है, आइडेंटिटी पॉलिटिक्स। भारत जैसे देश में विविधता है। यहाँ पर अलग-अलग धर्म, जाति, समुदाय हैं। जैसे की जब मैं विदेश में होता हूँ तो मेरी पहचान एक भारतीय के तौर पर होती है और जब मैं देश में होता हूँ तो मेरी पहचान एक बिहारी के तौर पर होती है। हम बहुत गर्व से अपने नाम के पीछे जाति लगते हैं। लेकिन जब एक राष्ट्र की बात करते हैं और हम उस राष्ट्र के लिए कुछ करते हैं तो हम राष्ट्रवादी है। हमारे देश के संविधान में भी ये प्रस्तावना है की इस देश में अलग- अलग जाति, धर्म, समुदाय के लोग हैं। जिनकी अलग अलग परेशानियां हैं।

जैसे हार्दिक, पटेल आरक्षण की बात करते हैं और शेहला महिला आरक्षण की बात करती हैं, बीजेपी सबका साथ, सबका विकास की बात करती है। हम किसी समुदाय को मुद्दे की बात करते हैं तो किसी दूसरे समुदाय को पीछे छोड़ने की बात नहीं करते। बल्कि सबके समान अधिकारों का मुद्दा उठाते हैं। इस दौरान शेहला और कन्हैया पर उनकी पढाई को लेकर आरोप लगाए गए। बीजेपी और आरएसएस समर्थक लेखिका शुभ्रस्था ने शेहला और कन्हैया पर हमला बोलते हुए पूछा की जेएनयू में उनकी पढ़ाई खत्म क्यों नहीं हो रही है?

जिसका जवाब देते हुए कन्हैया ने कहा- आप किसी पर भी व्यक्तिगत आरोप तब लगते हैं, जब आपके पास विचारधारा के तहत जवाब नहीं होता। इस दौरान कन्हैया ने बीजेपी समर्थक लेखिका शुभ्रास्था से पूछा की आप महिला अधिकारों की बात करती हैं की बीजेपी पिछड़ों, दलितों, महिलाओं के लिए काम कर रही है, क्या जशोदा बेन के बात करेंगे ? आइडेंटिटी पॉलिटिक्स तो बीजेपी का अहम हथियार हैं। भला देश के प्रधानमंत्री चीख-चीख कर क्यों बोलते हैं- मैं पिछड़ा हुआ शख्स हूँ, चाय बेच कर जहाँ तक पहुंचा हूँ। आप सब कीजिये, लेकिन देश को गुमराह मत कीजिये।

इसपर बीजेपी समर्थक शुभ्रास्था ने जवाब देते हुए कहा- हम सब एक पिछड़े परिवेश से आते हैं। लेकिन आपको कब तक पिछड़ा रहना है, ये देश के युवा तय करेंगे। कन्हैया ने अपनी पढाई के बारे में जवाब देते हुए कहा की- अगर देश का प्रधानमंत्री 35 साल की उम्र में एमए कर सकता है तो मैं तो फिर भी 30 साल में पीएचडी कर रहा हूँ। इसमें क्या गलत किया है मैंने ? हम पर इस बहस में बीजेपी कार्यकर्ता व्यक्तिगत आरोप लगा है, की लड़की के साथ छेड़खानी की, हार्दिक- राहुल गाँधी से मिले, बहन की शादी में 10 करोड़ लगा दिए।
मैं इनसे पूछना चाहता हूँ की कोंग्रेसी नेता जब बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़कर जीत जाता है तो शरीफ हो जाता है, बीजेपी ने ऐसी कौन सी मशीन लगाई है की भ्रष्टाचारी नेता बीजेपी में जाकर सदाचारी हो जाते हैं। इसके साथ कन्हैया ने कहा की अगर हमने कुछ भी गलत किया होता की मोदी जी हमें जेल में डलवा देते। आप हम पर व्यक्तिगत आरोप हमारी आवाज़ दबाने के लिए लगाते हैं। जब विचारधारा का जवाब नहीं होता इनके पास।

इस बहस में जब कन्हैया से लेफ्ट का शासन एक राज्य में सीमित होकर रह जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- बीजेपी देश में हर राज्य में जीत रही है वह बहुत अच्छी बाते हैं और इन्हे सत्ता का गरूर होना अच्छा नहीं। ये सत्ता के नशे में लोकतंत्र को तोड़ रहे हैं।
अगर इनसे कोई सवाल किया जाता है तो ये जवाब नहीं देते बल्कि सवाल पर सवाल पूछते हैं।

हमें भारत को बदलता भारत बनाना है तो हमारे पास बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर का लिखा संविधान है, उसकी प्रस्तावना में इस देश में किस तरह की व्यवस्था चाहिए, बताया गया है, उसमें लिखा है की ऐसे देश में सब लोग एकता और समानता के साथ अपनी ज़िन्दगी जी सके। ऐसे समाज को बनाने के लिए ही हम संघर्ष कर रहे हैं।

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