इस सीट पर कन्हैया को मिलेगा लालू का साथ, भाजपा का हो जाएगा पत्ता साफ़?

September 30, 2018 by No Comments

बिहार राज्य में बेगूसराय लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से कन्हैया कुमार सीपीआई की तरफ से चुनाव लड़ सकते हैं। बेगूसराय बिहार स्टेट के 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। जिस पर सीपीआई की दावेदारी काफी मजबूत मानी जाती है.अभी तो खबर है कि कन्हैया कुमार सीपीआई और राजद के गठबंधन से बेगूसराय से चुनाव लड़ेंगे क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव में सीपीआई तीसरे नम्बर पर और राजद के प्रत्याशी दूसरे नम्बर पर थे जिसे 3,69,800 वोट हासिल हुए थे जोकि एक बड़ी संख्या है और सीपीआई के प्रत्याशी को 1,92,639 वोट ही मिले थे।

2014 के लोकसभा चुनाव में बेगूसराय सीट से भारतीय जनता पार्टी से सांसद चुने गए थे जो 4,28,227 वोट पाकर विजयी हुए थे । ऐसे में अगर राजद और सीपीआई गठबंधन करके कन्हैया कुमार को इस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाती है तो ये सीट गठबंधन के पाले में ही जायेगा । फ़िलहाल अभी वर्तमान में उस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भारतीय जनता पार्टी से सांसद डॉ भोला सिंह कर रहे हैं जो 2014 के मोदी लहर में अपनी नैया पार कर लिए थे। तो इस बार 2019 की लोकसभा चुनाव में सीपीआई एक बड़ी चाल चलने जा रही है जिसे सुनकर भाजपा में काफी हलचल मच सकती है क्योंकि वर्तमान में उसी पार्टी से ही वहां के सांसद हैं इसलिए भाजपा को अपनी शाख बचाने के लिये अपने एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ सकता है ।

कन्हैया कुमार (फ़ाइल)


कन्हैया कुमार के चुनाव लड़ने के खबर से ही बिहार के सियासत में हलचल मच गई है। JNU से निकले इस छात्र का सफ़र बहुत ही मुश्किल भरा रहा देशद्रोही के मुकदमे से लेकर कई तरह के इनपर मुकदमे हैं जो सरकार के इशारों पर दर्ज हुई। अब कन्हैया कुमार सीपीआई के टिकट से अगर लोकसभा का चुनाव लड़ते हैं तो भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ये बुरी खबर है। क्योंकि कन्हैया कुमार ही एक ऐसे युवा नेता हैं जो मोदी सरकार को इस तरह एक्सपोज़ करते रहे जिसकी कोई हद नहीं।

बीजेपी के कुछ नेता तो कन्हैया कुमार को देशद्रोही कहते हैं लेकिन युवाओं की लड़ाई लड़ने वाले कन्हैया कुमार इनसब से बेख़ौफ़ होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं और सरकार से लड़ाई लड़ने की हिम्मत रखते हैं । बेगूसराय के जनता का प्रतिनिधित्व करने के लिए ऐसे युवा नेता की जरूरत है ताकि जनता की आवाज को सड़कों से लेकर संसद भवन तक उठा सके और उनके समस्याओं का समाधान कर सके ऐसे जिम्मेदारी कन्हैया कुमार बखूबी निभा सकते हैं ।

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