KCR के बयान को ममता और ओवैसी का समर्थन; क्या बन पायेगा “तीसरा मोर्चा”?

March 5, 2018 by No Comments

तेलंगाना मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव के बयान के बाद से ही देश की सियासत तेज़ हो गयी है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा से अलग विकल्प तैयार करने की बात कही थी। उनके इस बयान को व्यावक समर्थन मिल रहा है। उनके बयान को सबसे पहले आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन का समर्थन मिला।पार्टी के अध्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना मुख्यमंत्री की तारीफ़ करते हुए कहा कि पिछले चार साल में केसीआर ने तेलंगाना को शानदार गवर्नेंस दी है।

केसीआर के बयान को ओवैसी के अलावा कई और नेताओं ने समर्थन दिया है। पाश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केसीआर को समर्थन दिया है। ममता और ओवैसी के अलावा झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने भी केसीआर को समर्थन दिया है। ऐसे में अब इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि लेफ़्ट, समाजवादी पार्टी भी केसीआर के आईडिया पर विचार कर सकते हैं। तीसरा मोर्चा अगर बनता है तो ये लोकसभा चुनाव से पहले बड़ी पहल होगी और इसका आने वाले लोकसभा चुनाव पर असर होगा।

अगर तीसरा मोर्चा बनता है तो ये भाजपा के लिए तो मुसीबत लाएगा ही, साथ ही साथ कांग्रेस के लिए भी मुश्किल होगी। ग़ैर-भाजपा और ग़ैर कांग्रेस दलों से मिलकर अगर ऐसा कोई मोर्चा बनता है तो ये राष्ट्रीय राजनीति को पूरी तरह बदल देगा। हालांकि ये भी सच है कि अगर तीसरा मोर्चा बनता है तो सेक्युलर वोट बंट सकते हैं, ऐसा होने पर सबसे अधिक फ़ायदा भाजपा को होगा। जानकारों के मुताबिक़ अगर कांग्रेस के साथ तीसरा मोर्चा किसी तरह का कोई गठबंधन कर लेता है तब शायद भाजपा के लिए अधिक मुश्किल होगी. इसके पहले भी कई बार तीसरे मोर्चे की बात उठती रही है. पिछले कई लोकसभा चुनाव के पहले कई बार ऐसा हुआ है कि इस तरह के मोर्चे की बात होती है लेकिन ये अभी तक विशेष प्रभाव छोड़ने में नाकाम ही रहा है.

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