‘ख़ुद को लोकतान्त्रिक कहने वाला इज़राइल तानाशाहों की बात पर चलता है’

इजराइल ने अल-जज़ीरा चैनल को बैन करने का फ़ैसला कर लिया है जो कि अपने आप में प्रेस फ्रीडम पर बढ़ा आघात है| इजराइल के कम्युनिकेशन मिनिस्टर अयूब कारा ने 6 अगस्त को ये जानकारी दी कि वो क्नेस्सेट (इजराइल की पार्लियामेंट)से ये आग्रह करेंगे कि इस चैनल को बंद किया जाए|

अल जज़ीरा चैनल पर इस तरह की पाबंदी लगाने की वजह जो अयूब कारा ने बतायी वो चर्चा का विषय बन गयी है| अयूब ने कहा कि उनकी सरकार ये फ़ैसला इसलिए ले रही है क्यूंकि ऐसे ही फैसला सऊदी अरब में लिया गया है| इजराइल सरकार की इस बारे में तो निंदा हो ही रही है कि वो लगातार प्रेस फ्रीडम पर हमले कर रही है, इसके अतिरिक्त जो वजह बतायी गयी है वो भी इसको दुगना कर रही है|

जानकारों के मुताबिक़ इजराइल अपने आपको लोकतान्त्रिक देश होने का दावा ज़रूर करता है लेकिन उसकी सरकार के फ़ैसले तानाशाह और सैनिक सरकारों की देखा-देखी लिए जाते हैं| गौरतलब है कि सऊदी अरब, बहरीन, UAE और मिस्र ने अल-जज़ीरा पर पाबंदी लगाई है| सऊदी अरब, बहरीन और UAE में राजशाही है जबकि मिस्र में सैनिक शासन|

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