सऊदी अरब कराएगा बांग्लादेश में यूनिवर्सिटी और मस्जिदों का निर्माण

November 5, 2018 by No Comments

सऊदी अरब एक ऐसा देश है जो एशिया के उन देशों की मदद करता रहा है जो किसी वजह से पीछे रह गए हैं. पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब ने अपना दख़ल बढ़ाया है. इस बीच सऊदी अरब अब बांग्लादेश की मदद के लिए खड़ा हो गया है. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने रविवार को बताया कि उनकी सरकार सऊदी अरब की मदद से 560 आदर्श मस्जिदें और एक इस्लामी विश्वविद्यालय बनाएगी।‘ढाका ट्रिब्यून’ में छपी ख़बर के मुताबिक़ हसीना ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में सऊदी अरब सरकार हमारी मदद करेगी।

हसीना की अवामी लीग पार्टी को धर्मनिरपेक्ष माना जाता है. उनकी प्रतिद्वंद्वी ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को कट्टरपंथियों की हिमायती माना जाता है। क़ौमी मदरसों के हजारों छात्रों और शिक्षकों ने रैली में भाग लिया। रैली में क़ौमी नेताओं ने प्रधानमंत्री को लगातार तीसरी बार सत्ता में देखने की इच्छा जताई। बांग्लादेश में दिसंबर में होने वाले आम चुनावों से पहले कुछ राजनीतिक पार्टियों ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के साथ मिलकर सरकार विरोधी गठबंधन बनाया। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इस गठबंधन का मकसद सत्तारूढ़ पार्टी को सभी पार्टियों की भागीदारी वाली कार्यवाहक सरकार बनाने के लिए बाध्य करना है। डेली स्टार की खबर के अनुसार गोनो फोरम के अध्यक्ष कमाल हुसैन ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बीएनपी एवं अन्य दो पार्टियों के साथ बने नए राजनीतिक गठबंधन ‘जतिया ओइक्या फ्रंट’ की जानकारी दी।

बांग्लादेश के प्रमुख वकीलों में शुमार हुसैन ने एक समाचार सम्मेलन में कहा, “नवनिर्मित गठबंधन ने अपनी यात्रा इस संकल्प के साथ शुरू की है कि वह सत्तारूढ़ धड़े को आगामी आम चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा से पहले सत्ता से इस्तीफा देने पर मजबूर करेगा। ” उन्होंने कहा कि वर्तमान संसद के भंग होने के बाद चुनाव के दौरान सभी पार्टियों की स्वीकृति वाली सरकार बननी चाहिए।उन्होंने बीनएपी प्रमुख जिया समेत सभी राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई की भी मांग की। जिया अनाथाश्रम ट्रस्ट को भेजे जाने वाली विदेशी निधि के गबन के आरोप में फरवरी से जेल में बंद हैं। बीएनपी नेताओं का आरोप है कि उन्हें जेल में उचित चिकित्सीय इलाज नहीं दिया जा रहा है। खबर में कहा गया कि संवाददाता सम्मेलन के दौरान नागोरिक ओइक्या के समन्वयक महमूदुर रहमान मन्ना ने नवनिर्मित राजनीतिक गठबंधन की सात सूत्री मांगों एवं 11 सूत्री लक्ष्यों की घोषणा की। हसीना को सऊदी अरब सरकार की ओर से जो मदद मिल रही है वो उनके लिए चुनाव से पहले अच्छे रूझान ला सकती है. सऊदी अरब से मिलने वाले सहयोग से बांग्लादेश में विकास कार्य हो सकेंगे जिससे हसीना की आने वाले चुनाव में स्थिति मज़बूत होगी.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *