कनाडा पर हावी हो गया सऊदी अरब, दूसरे पश्चिमी देश भी दुविधा में…

October 27, 2018 by No Comments

दुनिया: जमाल खाशोग्गी केस में जिस तरह से सऊदी अरब पर दबाव बन रहा है उससे सऊदी अरब के कई सहयोगी भी चिंतित हैं. चूँकि इस मामले में ग़लती सऊदी अरब की ओर से नज़र आ रही है इसलिए वो भी कुछ बोल नहीं पा रहे हैं. इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब कांसुलेट में हुई वरिष्ठ पत्रकार खाशोग्गी की ह्त्-या ने पूरी दुनिया की राजनीति को हिला दिया है.

तुर्की की सरकार ने अपनी ओर से सऊदी अरब पर लगातार दबाव बनाया हुआ है क्यूँकी क्राइम उनके देश में हुआ है. इस मामले में तुर्की की सरकार बार-बार सऊदी अरब से माँग कर रही है कि जिन लोगों को सऊदी अरब ने अपने देश में गिरफ़्तार किया है उन्हें तुर्की को सौंपें. तुर्की की माँग है कि दोषियों को सज़ा तुर्की के क़ानून के मुताबिक़ मिले.

इस मामले में संयुक्त राज्य अमरीका पर भी दबाव है कि वो सऊदी अरब की सरकार के ख़िलाफ़ क़दम उठाए वहीं कनाडा पर भी इस तरह का दबाव है लेकिन कनाडा ने किसी तरह का दबाव सऊदी अरब पर लगाने में अपनी असमर्थता ज़ाहिर कर दी है. कनाडा की सरकार कह रही है कि हथियारों की जो डील सऊदी अरब से की गयी है अगर वो कैंसिल की जाती है तो उसके देश के लोगों को बड़ा नुक़सान होगा. प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदो कहते हैं कि अगर सऊदी अरब से डील कैंसिल की गयी तो उसके देश के टैक्स-पयेर्स को 1 बिलियन डॉलर का नुक़सान होगा.

देखा जाए तो कोई देश नहीं चाहता कि सऊदी अरब से डील कैंसिल की जाए क्यूँकि हथियारों की बिक्री से सबसे ज़्यादा फ़ायदा उन्हीं देशों को है जो बेच रहे हैं. कनाडा, संयुक्त राज्य अमरीका जैसे देश नहीं चाहते कि डील कैंसिल हो, वहीं जर्मनी की सरकार कड़े क़दम उठाने को तैयार नज़र आती है. जर्मनी की चांसलर ने साफ़ किया है कि जब तक इस मामले में पूरी सफ़ाई नहीं आती, सऊदी अरब को हथियार नहीं बेचे जा सकते.

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