क्या कांग्रेस के नज़दीक आ रही है आम आदमी पार्टी?

नई दिल्ली: अगर कहा जाए कि कांग्रेस की 2014 लोकसभा चुनाव में हुई हार के लिए आम आदमी पार्टी भी बड़े तौर पर ज़िम्मेदार रही है तो ग़लत ना होगा. आम आदमी पार्टी और इसके नेता अरविन्द केजरीवाल ने जितना बोल्ड कैंपेन कांग्रेस के ख़िलाफ़ शुरू किया उसका मुक़ाबला कांग्रेस नहीं कर सकी. सोशल मीडिया पर सबसे मज़बूत पार्टियों में से एक आम आदमी पार्टी के तेवर अभी भी कुछ कम नहीं हुए हैं. मगर अब उनकी नाराज़गी कांग्रेस से हटकर भाजपा पर आ गयी है. पिछले दिनों NDA सरकार की नीतियों की सबसे कड़ी आलोचना किसी ने की है तो आम आदमी पार्टी ने ही की है.

इसके बाद भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ आएँगी ये कहना मुश्किल है. फिर भी कहीं ना कहीं कुछ बर्फ़ पिघली है. इस बात का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के वरिष्ट नेता मनीष तिवारी की किताब “Tidings of Troubled Times” के लांच के मौक़े पर भाजपा के वरिष्ट नेता यशवंत सिन्हा तो मौजूद ही थे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी मौजूद थे.

बुक लांच के अवसर पर अरविन्द केजरीवाल की मौजूदगी कहीं ना कहीं इस बात की ओर इशारा करती है कि कहीं ना कहीं दोनों पार्टियाँ साथ आ रही हैं.

इस मौक़े पर सीनियर जौर्नालिस्ट बर्ख़ा दत्त भी मौजूद थीं.

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