लालू ने ऐसे तथ्य पेश किये जिनसे नीतीश कुमार बुरी तरह फँसेंगे

पटना: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को इस बात की पूरी जानकारी लग गयी है कि सृजन घोटाला बहुत ज़्यादा बड़ा घोटाला है. लालू की बात को समझें तो ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले में फँस सकते हैं.

लालू ने कहा कि सीबीआई को भाजपा ने सेट करके भेजा है और यही वजह है कि वो नीतीश पर FIR नहीं दर्ज कर रही है. उन्होंने कहा,”BJP से deal के मुताबिक़ CBI नीतीश पर FIR दर्ज नहीं कर रही है। हमारे पास संलिप्तता से संबंधित सभी काग़ज़ात मौजूद है।”

ट्विटर के ज़रिये उन्होंने कहा कि 10 जुलाई से 29 जुलाई तक चार बार चेक बाउन्स हुआ। सरकार की मनुहार के बावजूद #सृजन के लोग सरकारी ख़ज़ाने का रुपया लौटाने को तैयार नहीं थे।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा के शीर्ष नेताओं को इस घोटाले का पता लग गया था. “BJP के शीर्ष नेताओं को #सृजन का पता लग चुका था। नीतीश के पास करारा संदेश भेजा गया। चिंतित नीतीश पटना- दिल्ली, दिल्ली-पटना करने लगे।”, उन्होंने कहा.

लालू ने कहा कि क्यूंकि भाजपा के लिए नीतीश को दबाना आसान था इसलिए उसने इनको दो विकल्प दिए. उन्होंने कहा,”BJP जानती है लालू लड़ाका है रणछोड़ नहीं है। उसने संघमुक्त भारत का नारा लगाने वाले नीतीश को दो ऑप्शन दिए: #सृजन मे जेल जाओ या महागठबंधन तोड़ो”

इसके इलावा सुबूत के बतौर उन्होंने CAG की रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया और भागलपुर के 2007 के डीएम का भी. उन्होंने दो अलग अलग ट्वीट में कहा-
“CAG की मार्च2008 की रिपोर्ट मे स्पष्ट रूप से #सृजन घोटाले का ज़िक्र किया गया। लेकिन नीतीश ने कोई संज्ञान नही लिया।क्या CAG की रिपोर्ट गलत है”
“2007 में भागलपुर के तत्कालीन DM ने सरकारी ख़ज़ाने का पैसा #सृजन के अकाउंट मे जमा करने पर पाबंदी लगा दी थी।नीतीश बताये फिर किसने शुरू करवाया?”

उन्होंने एक और आरोप लगाते हुए कहा,”सृजन मे अवैध रूप से सरकारी पैसा जमा कराने का आदेश देने वाले ज़िला अधिकारी को नीतीश ने अपनी पार्टी से 2014का लोकसभा चुनाव लड़वाया।”

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