लालू के समर्थन से फिर मैदान में उतरेंगे तारिक़ अनवर

September 29, 2018 by No Comments

बिहार में एनसीपी अगर सबसे अधिक कहीं मज़बूत रही है तो वो कटिहार है. कटिहार लोकसभा सीट एनसीपी टिकट पर तारिक्क़ अनवर तब भी जीत गए जब तेज़ मोदी लहर चली. कहा जाता है कि ये वोट एनसीपी को कम और तारिक़ अनवर को अधिक पड़े हैं. ऐसे में तारिक़ अनवर का क़द बढ़ जाता है. ताज़ा मामला यूँ हुआ कि शरद पवार ने मोदी सरकार का राफ़ेल डील पर समर्थन कर दिया जिसके बाद तारिक़ ने पार्टी से इस्तीफ़ा भी दे दिया और लोकसभा सदस्यता भी छोड़ दी.

कटिहार से पाँच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके तारिक़ अनवर के बारे में ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि वो जल्द ही कांग्र्रेस का दामन थाम सकते हैं लेकिन अभी इस बारे में तारिक़ कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. तारिक़ ने हालाँकि अपना राजनीतिक सफ़र कांग्रेस से ही शुरू किया था, वो सन 1976 में बिहार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने. 1980 में कटिहार से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़े और जीते.

1999 में लेकिन उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया. ये वो समय था जब शरद पवार ने विदेशी मूल के मुद्दे पर सोनिया गाँधी का विरोध किया था. अनवर और पीए संगमा भी पवार के साथ आये और एनसीपी बनी. विदेशी मूल के मुद्दे पर शुरू हुआ विरोध बहुत दिन नहीं टिका और सोनिया गाँधी को जब पूरे देश ने स्वीकार कर लिया तो एनसीपी भी क्या करती, 2004 में पवार UPA में शामिल हुए.

अनवर ने लेकिन इस मौके पर एनसीपी को छोड़ कर ये साबित कर दिया है कि वो अभी भी देश के उन चंद नेताओं में से हैं जो अपने विचारों से समझौता नहीं करते. अब ऐसे में ये ख़बरें भी आ रही हैं कि अनवर जल्द ही कांग्रेस या राजद में जा सकते हैं, वो किसी भी पार्टी में जाएँ लेकिन उनका कटिहार से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है. कटिहार लोकसभा सीट से अगर वो निर्दलीय भी चुनाव लड़ते हैं तो भी राजद और कांग्रेस उन्हें समर्थन देने वाले हैं. कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव ने भी तारिक़ अनवर का समर्थन किया.

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