क़र्ज़ माफ़ी या मज़ाक़?: 1 लाख 55 हज़ार क़र्ज़ वाले का योगी सरकार ने 0.01 पैसा माफ़ किया

लखनऊ: बलरामपुर के एक गाँव में लोगों में इस बात को लेकर ख़ासा उत्साह था कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा कर दी है. जिन के डाक्यूमेंट्स नहीं बने थे या कुछ कमी थी उन्होंने कुछ कर वर के जल्दी जल्दी डाक्यूमेंट्स पूरे किये लेकिन जब क़र्ज़ माफ़ी के सिलसिले में उन्होंने अपने अकाउंट चेक करे तो किसी का 12 रूपये माफ़ हुआ किसी का 20 तो किसी का 93. ये बात जब हमें पता चली तो हमें लगा कि हो सकता है यहाँ ये स्थिति हुई हो परन्तु अब लगभग हर जगह से ये ख़बरें आ रही हैं कि क़र्ज़ बहुत कम माफ़ हुआ या यूं कहें कि ना कि बराबर.

हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक फ़ोटो ट्वीट की. इसमें क़र्ज़ माफ़ी का सर्टिफिकेट था और चिद्धि नाम के किसी शख्स का 0.01 पैसा क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा थी. ये अपने आप में एक मज़ाक़ ही है. मीडिया की ख़बरों से मालूम हुआ कि मथुरा ज़िले के रहने वाले चिद्धि पर 1 लाख 55 हज़ार का क़र्ज़ था जो उन्होंने 2011 में लिया था. इस क़र्ज़ में से उनका 0.01 पैसा क़र्ज़ माफ़ हो गया.

इतना ही नहीं ऋण मोचन योजना के तहत क़र्ज़ माफ़ी के ऐसे कई मामले आये हैं जहां पर कुछ पैसे या रूपये में क़र्ज़ माफ़ हुआ है. अक्सर ये आंकड़ा 100 रूपये तक नहीं पहुंचा है. मथुरा, बलरामपुर के इलावा इटावा, शाहजहाँपुर, सीतापुर में भी इस क़िस्म के कई मामले आये हैं.

हालाँकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री इस बारे में बयान देने से बच रहे हैं और इसे एक तकनीकी ग़लती बता रहे हैं लेकिन ये समझना मुश्किल हो रहा है कि जिस डॉक्यूमेंट को प्रिंट करवाने में 10 रूपये लगे होंगे उस डॉक्यूमेंट पर 0.01 पैसे की क़र्ज़ माफ़ी की बात छपना कितना दुर्लभ है.

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