“बिजली कम, दाम ज़्यादा! क्या हुआ 24 घंटे का वादा”

November 30, 2017 by No Comments

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव ख़त्म हो गए हैं. यूँ तो ये बात सभी को मालूम भी है लेकिन बिजली के दामों में अचानक की गयी वृद्धि ने इसको और ज़ोर से कहा. जहां चुनाव से पहले भाजपा बड़े-बड़े वादे कर रही थी, नतीजे आने से पहले ही भाजपा सरकार बिजली की दरों में ज़बरदस्त वृद्धि की है. उत्तर प्रदेश में अब बिजली ख़र्च करने पर पहले से अधिक बिल देना होगा. घरेलु उपभोक्ताओं के लिए ये बढ़ोत्तरी औसतन 12% की गयी है. हालाँकि इसमें गौर करने वाली बात ये भी है कि औद्योगिक इकाइयों के लिए किसी क़िस्म की कोई वृद्धि नहीं की गयी है.

ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बताया गया है कि पहले सौ उन्ती तक उन्हें 3 रूपये प्रति यूनिट देना होगा और उसके बाद उनके साढ़े चार रूपये प्रति यूनिट की दर पर बिल का भुगतान करना होगा.भाजपा जहां इसे मामूली वृद्धि बता रही है वहीँ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसकी आलोचना कर रहे हैं. कांग्रेस इसे तानाशाही फ़ैसला बता रही है. कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि अगर भाजपा सरकार जनता के बारे में सोचती तो इस तरहकी वृद्धि ना करती.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बारे में एक ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि इस बार जब बिल आएगा तो ठंडी में ही गर्मी के मौसम का एहसास हो जाएगा. उन्होंने कहा,”बिजली कम, दाम ज़्यादा! क्या हुआ 24 घंटे का वादा. अगली बार जब बिल आयेगा, तब ठंड के मौसम में गर्मी का एहसास करायेगा.”

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