LU में बढ़ी हॉस्टल फ़ीस वापिस लेने की मांग पर मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन; फ़ीस-वृद्धि वापिस ली गयी

दिनांक 22 |7 |2017 को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता ज्योति राय ने अपने साथियो के साथ जिला अधिकारी कार्यालय में जाकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया | तथा छात्रों की बही फीस का निर्णय वापस लेने की मांग की ज्योति राय ने अपने बयान में कहा छात्रों पर बढाई गयी फीस छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने का तरीका मात्र है एक तरफ सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की बात कर रही है वही दूसरी तरह उच्च शिक्षा का बजट घटा दिया गया है तथा लगतार विश्वविद्यालयो में फीस वृद्धि करकेछात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने का कार्य कर रही है|

विश्वविद्यालय में हर वर्ष फीस बढाई जा रही है उसके बावजूद कोई उचित इन्तेजाम नहीं है |छात्रों को छोडीये प्रोफेसर के कमरे तक ठीक नहीं है , क्लासरूम , टॉयलेट , पीने का पानी , लाइब्रेरी ,लैब , तक ढंग के नहीं है |लडकियों के लिए विमेन सेल एक्टिव नहीं है |लगभग 500 शिक्षको की आवश्यकता है और 200 के लगभग शिक्षक है |ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता का गिरना स्वाभविक है छात्रों को दो महीने खाना नहीं मिला जैसे तैसे उन्होंने अपनी परीक्षाएं दी और खाना दिया भी जाता है तो ऐसा की वो जेल में कैदी भी नहीं खाते होंगे कोई स्टैण्डर्ड डायट का इन्तेजाम नहीं है उनके स्वस्थ के साथ खिलवाड़ होता है मेडिकल फैसिलिटी का भी कुछ खास इन्तेजाम नहीं है विश्वविद्यालयो को आवंटित बजट का कोई हिसाब किताब नहीं है की वो कहा जा रहा है |

छात्रों पर फीस का बोझ बढ़ा दिया रहा है ये कह के की विश्वविद्यालय के पास शिक्षको को सेलेरी तक देने में विश्विद्यालय शक्षम नहीं है और सरकारी कार्यक्रमों के लिए 25 लाख की कुर्शी और टेंट लगाने में खर्च हो रहे है |

फ़ीस वृद्धि वापिस हुई..
फ़ीस वृद्धि को लेकर लगातार छात्र आन्दोलन कर रहे थे, शाम को जब VC एसपी सिंह की बात से छात्र नाराज़ हो गए और उग्र आन्दोलन करने लगे तभी फ़ीस वृद्धि वापिस ले ली गयी.

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