लखनऊ: उर्दू शा’इर तश्ना आलमी का इंतिक़ाल

लखनऊ: उर्दू अदब की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले बुज़ुर्ग शा’इर तश्ना आलमी का आज सुबह इंतिक़ाल हो गया. तश्ना आलमी साहब का जन्म 24 अप्रैल, 1943 को सलेमपुर के पास ग्राम शामपुर, देवरिया में हुआ था. 5 वर्ष की उम्र में उनकी वालिदा चल बसीं और 18 वर्ष की उम्र में उनके वालिद का भी इंतिक़ाल हो गया. सन 1960 में वो लखनऊ आ गए.

आलमी साहब का एक शे’र जो हमें उनके एक चाहने वाले से प्राप्त हुए है-

“जो कीड़े रेंगते रहते हैं नालियों के करीब
वो मर भी जायें तो रेशम बना नही सकते”

एक नज़र में कुछ और ख़बरें…
1. केंद्र सरकार ने आज उच्चतम न्यायलय में रोहिंग्या लोगों को म्यांमार वापिस भेजने को लेकर हलफ़नामा दायर किया. केंद्र सरकार ने कहा कि रोहिंग्या रिफ्यूजी में से कुछ लोग ऐसे हो सकते हैं जो नेशनल सिक्यूरिटी के लिए ख़तरा हैं. ऐसे में अदालत को दख़ल नहीं देना चाहिए. इस मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी.
2. तमिल नाडू विधानसभा के स्पीकर ने आज 18 बाग़ी AIADMK विधायकों को बर्ख़ास्त कर दिया.

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