तुर्की और सऊदी अरब में चल रहे मामले पर मक्रों ने कहा…

October 13, 2018 by No Comments

पेरिस: वरिष्ट पत्रकार जमाल खाशोग्गी के ग़ायब होने का मामला तूल पकड़ रहा है. जहाँ इस मामले पर तुर्की और सऊदी अरब के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है वहीं संयुक्त राज्य अमरीका भी इस मामले को सावधानी से समझने की कोशिश में लगा हुआ है. लगातार हो रही आलोचना के बाद अब फ़्रांस की सरकार का बयान भी इस मुद्दे पर आ गया है.

French President Emmanuel Macron arrives at the reviewing stand for the Bastille Day military parade in Paris, July 14, 2017. Macron and Trump recognized the continuing strength of the U.S.-France alliance from World War I to today. DoD photo by Navy Petty Officer 2nd Class Dominique Pineiro

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इम्मानुएल मक्रों ने शुक्रवार के रोज़ एक बयान देकर आलोचना करने वालों का जवाब दिया. उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जिस बात की चर्चा हो रही है वो बहुत ही सीरियस है. उन्होंने कहा कि वो वरिष्ट सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी के ग़ायब हो जाने से चिंतित हैं.

ग़ौरतलब है कि खाशोग्गी तुर्की के इस्तांबुल शहर में स्थित सऊदी कांसुलेट से कथित तौर पर गुम हो गए. आरोप है कि सऊदी सरकार ने उन्हें जान कर अगवा करवाया है. दा वाशिंगटन पोस्ट के कोलौम्निस्ट खाशोग्गी के गुम हो जाने के बाद से ही तुर्की ने माँग की है कि सऊदी कांसुलेट इसके पीछे ज़िम्मेदार है.

२ अक्टूबर को खाशोग्गी सऊदी कांसुलेट किसी निजी काम से गए थे लेकिन कांसुलेट के बाहर आने का कोई भी वीडियो सामने नहीं है, अन्दर जाने का है. कांसुलेट के अधिकारियों का कहना है कि खाशोग्गी बाहर चले गए थे, परन्तु इसका सुबूत देने में वो नाकाम रहे हैं.

फ़्रांस के राष्ट्रपति ने बताया है कि वो इस मामले पर चिंतित हैं और जल्द ही वो तुर्की और सऊदी अरब के नेताओं से इस मुद्दे पर बात करेंगे. उन्होंने कहा कि मैं सच का इंतज़ार कर रहा हूँ. उन्होंने कहा कि फ्रांस चाहता है कि इस केस में सारी बातें साफ़ तरह से बाहर आएँ. मक्रों ने कहा है कि इस मुद्दे पर अभी तक उनकी न तो सऊदी शाह सलमान से बात हुई है और न ही उनके बेटे और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि सऊदी कांसुलेट में खाशोग्गी की हत्-या कर दी गयी है जिसका गहन षड्यंत्र बनाया गया था. खाशोग्गी के ग़ायब हो जाने के बाद से ही फ़्रांस में मीडिया ने सरकार से सवाल पूछे थे कि आख़िर वो इतने गंभीर मुद्दे पर चुप क्यूँ है. लगातार हो रही आलोचना के बाद मक्रों ने इस बारे में बयान दिया.


हालाँकि मक्रों ने अपने बयान में साफ़तौर पर कुछ नहीं कहा है लेकिन जानकार मानते हैं कि उनका ये “गोलमोल” बयान सऊदी अरब के लिए फ़ायदे का सौदा होगा. तुर्की के नेता अभी इंतज़ार में हैं कि आगे फ्रांस इस विषय पर क्या राय रखता है.

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