MP चुनाव: कभी होते थे 7 मुस्लिम विधायक, पिछले 15 साल से सिर्फ़ एक…

October 31, 2018 by No Comments

भोपाल: मध्यप्रदेश में चुनावी शंखनाद हो चुका है तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी तैयारियों के लिए कमर कस लिया है सत्ता को हथियाने के लिए हर दांव पेच आजमाया जा रहे हैं धर्म हो, जाती हो, क्षेत्र हो ,अगड़ा हो ,पिछड़ा हो सारे दांव राजनीतिक दल खेल रहे हैं सभी दल सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं, लेकिन मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने में बीजेपी तो कंजूसी बरतती ही है, कांग्रेस भी इस मामले में कोई खास दरियादिली नहीं दिखाती. हालात ये हैं कि पिछले चुनाव में 5 मुस्लिम उम्मीदवार उतारने वाली कांग्रेस इसमें भी कटौती कर सकती है. 

आपको बता दे पिछले चुनाव में 5 मुस्लिम उम्मीदवार उतारने वाली कांग्रेस इसमें भी कटौती कर सकती है. भोपाल उत्तर से कांग्रेस के इकलौते विधायक हैं 66 साल के आरिफ अक़ील, इनकी दूसरी पहचान, 230 सीटों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में 15 सालों से इकलौते मुस्लिम विधायक की भी है. मध्यप्रदेश में 1962 में सबसे ज़्यादा सात मुस्लिम विधायक जीते थे। वहीं पिछले 15 सालों से यानी 2003, 2008 और 2013 से एक मुस्लिम विधायक जीत पाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा कि हमने टिकट दिया, लेकिन हार गए। इससे भाजपा को फ़ायदा हुआ। यह समझने में कोई परेशानी नहीं है कि क्यों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश आकर मंदिर-मंदिर दर्शन कर रहे हैं।

आंकड़े बताते हैं कि देश में मुसलमानों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बहुत तेजी से गिरता जा रहा है पहले ही आर्थिक और सामाजिक रुप से पिछड़े मुसलमानों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व घटने का मतलब होगा कि वह पूरी तरह से हाशिए पर चले जाएंगे। मध्यप्रदेश के शाजापुर, मंडला, नीमच, महिदपुर, मंदसौर, इंदौर-5, नसरुल्लागंज, इछावर, आष्टा जैसी सीटों में तो मुसलमानों की आबादी लगभग 20 फीसद है. बावजूद इसके बीजेपी ने मुस्लिम नेताओं को टिकट देने के मामले में हमेशा से कंजूसी की है.

कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा ‘हमने भागीदारी दी लेकिन हार गये, बीजेपी को फायदा हुआ, निश्चित तौर पर अख्लियत के लोग हमारे साथ हैं लेकिन जीतना भी तो चाहिये.’ वहीं बीजेपी नेता और वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शौक़त मोहम्मद खान ने कहा, ‘पिछली बार भी दिया गया था, हमारी पार्टी से मुस्लिम विधायक भी रहे हैं, मंत्री भी… हमारी पार्टी के पैमाने अलग हैं. जो सर्वे और जीत को सुनिश्चित करते हैं उन्हें जरूर टिकट दिया जाता है.’अगर हम राज्यवार चर्चा करें तो मध्‍य प्रदेश, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्‍ट्र, उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड से सत्तारूढ़ भाजपा से कोई मुस्लिम विधायक नहीं है.मध्‍य प्रदेश और उत्‍तराखंड से केवल एक मुस्लिम विधायक हैं और वह कांग्रेस से हैं. हरियाणा से दो मुसलमान विधायक हैं जो कि इनेलो के टिकट पर जीते हैं.इसी तरह से गुजरात में कांग्रेस से दो मुस्लिम विधायक हैं. राजस्‍थान में दो मुस्लिम विधायक हैं, वो भाजपा से जीते हैं. इससे पहले की विधानसभा चुनाव में वहां 10 मुस्लिम विधायक थे. छत्तीसगढ़ विधानसभा में कोई मुस्लिम विधायक नहीं है.

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