रोहिंग्या नरसंहार: मलेशिया में म्यांमार सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन, एम्बेसी बंद करने की मांग

कुअलामपुर-रोहिंग्या मुस्लिमो के उत्पीडन पर मलेशिया की जनता का गुस्सा थम नही रहा है,मलेशिया में इस मसले पर विरोध प्रदर्शन रुकने का नाम नही ले रहे है.

मलेशिया की राजधानी में म्यांमार एम्बेसी के बाहर रोहिंग्या मुस्लिमो के उत्पीडन के विरोध में हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने म्यानमार के द्वारा रोहिंग्या मुस्लिमो का उत्पीडन बंद ना करने पर देश में रोजगार की तलाश में आये म्यांमार के नागरिको को वापस भेजने की मांग कर करे थे.

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जमाल युसूफ ने कहा, हम शांति में विश्वास रखते है लेकिन अगर म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार बंद नही करता है फिर मलेशिया की सरकार म्यांमार की एम्बेसी को बंद करके उस देश के राजनयिक वापस भेज दे और म्यांमार से आये नागरिक जो मलेशिया में रोजगार के सिलसिले में आये उन सभी को यहाँ से वापस म्यांमार भेजा जाए.

उन्होंने कहां,हम एक्शन चाहते है कोई सफाई नही.यहाँ पर आये रोहिंग्या मुस्लिमो को सरकार बसाये और बांग्लादेश में राहत कैम्पों में रह रहे विस्तापितो को राहत सामग्री भेजा जाए.

इस प्रदर्शन में सत्ताधारी पार्टी UMNO के कार्यकर्त्ता भी शामिल हुए थे,अभी तक मलेशिया में रोहिंग्या मसले पर कहीं कोई हिंसा की खबर नही है.

बता दे मलेशिया में चालीस हजार रोहिंग्या मुस्लिमो रिफ्यूजी के रूप में रहते है वही करीब अस्सी हजार म्यांमार के नागरिक रहते है जोकि रोजगार के सिलसिले में मलेशिया आये है इन्ही म्यांमार के नागरिको को देश से बाहर निकालने की मांग शुरू हो गयी है.

वही बांग्लादेश में मलेशिया ने राहत सामग्री के साथ एक जहाज रवाना किया है जिसमे बड़ी मात्रा में राहत सामग्री है.

म्यांमार के रखीने प्रान्त में जारी हिंसा के बाद यूएन ने दावा किया है कि बांग्लादेश में अब तीन लाख रोहिंग्या समुदाय के लोग पहुच चुके है यूएन का अनुमान है कि ये संख्या चार लाख तक जा सकती है.

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