मोदी शाह को ममता की चेतावनी, कहा-गुजरात में लौटने …

February 6, 2019 by No Comments

हेलो दोस्तो हम आपको एक बड़ी खबर देने जा रहे हैं जो आ रही है सीधे कोलकाता से।लगातार 3 दिन धरने में बैठने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना धरना आज खत्म कर दिया. आपको बता दे की लगभग 3 दिन से ममता बनर्जी सीबीआई की कार्यवाही के खिलाफ धरने पर बैठी थी और आज कुछ ही समय पहले उन्होंने अपना धरना खत्म कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तेजस्वी यादव की सलाह पर ममता बनर्जी ने धरने को खत्म करने का फैसला लिया है. सूत्रों से पता चला है कि कई विपक्ष के नेता ममता बनर्जी के समर्थन में कोलकाता पहुंचे थे। और जहां पर वह धरना प्रदर्शन कर रही थी.

google


वहां पर विपक्षी नेताओं ने जाकर बयान बाजी की थी लेकिन आज सुबह से जो डेवलपमेंट दिख रहा था उसके बाद से ही यह उम्मीद जताई जा रही थी कि आज ममता बनर्जी कोई बड़ा ऐलान करने वाली हैं। फिर धरने को लेकर जो जानकारी सामने आई है उससे यही पता चला की ममता बनर्जी नें अपने धरने को वापस ले लिया है.
दोस्तों आज सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया ।सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी को एक बड़ा झटका दिया । सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह राजीव कुमार ,जो कोलकाता के कमिश्नर है उनसे पूछताछ कर सकती है और राजीव कुमार को यह आदेश दिया कि वह सीबीआई के सामने पेश हों.

google


सामने आए पूरे मामले को ममता बनर्जी अपनी नैतिक जीत बता रही थी लेकिन वह बात गलत साबित हुई और सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार को यह आदेश दिया कि वह सीबीआई के सामने पेश हो. खबरें आ रही हैं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि उनसे जो पूछताछ होगी या जो कार्यवाही होगी वह पश्चिम बंगाल में नहीं होगी। हो सकता है की यह कार्यवाही किसी अन्य शहर में हो.
आपको बता दें कि यह मामला 2013 में सामने आया था जब शारदा चिटफंड मामले में घपला हुआ था। लगभग 1600000 लोगों के पैसे चिटफंड के द्वारा उड़ा दिए गए थे. इस पूरे मामले में कोलकाता में जो एस आईटी बनाई गई थी।वह एसआईटी जांच कर रही थी कई लोगों को उस समय गिरफ्तार किया गया था.

google


और इस मामले के तूल पकड़ने के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था लेकिन सीबीआई ने कोर्ट में यह कहा कि जो जानकारी एसआईटी की तरफ से दी गई थी वह जानकारी पर्याप्त नहीं थी। जो भी सबूत थे उन्हें तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया था.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *