ज़ुकरबर्ग ने माना- मैसेंजर पर भेजे जाने वाले संदेशों पर नजर रखता है फेसबुक, शेयर किया 9 करोड़ डेटा

फेसबुक के 8 करोड़ 70 लाख यूजर्स के निजी डेटा में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कैंब्रिज एनालिटिका ने सेंध लगाई है। फेसबुक ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका के साथ करीब आठ करोड़ 70 लाख यूजर्स के डेटा अनुचित ढंग से साझा किए गए हैं। इसी दौरान अपनी गलती मानते हुए जुकरबर्ग ने कंपनी को लीड करने के लिए लोगों से एक और मौका मांगा है। कॉन्फ्रेंस में जुगरबर्ग ने कहा कि जो भी हुआ वो एक बड़ी गलती थी लेकिन मुझे एक मौका और दीजिए।

मैं अब भी फेसबुक लीड करने के लिए सबसे बेस्ट हूं। इस स्कैंडल की वजह से हालांकि किसी को ही निकाला नहीं गया है। लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वो अब भी वह फेसबुक का नेतृत्व करने के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति हैं, तो उन्होंने जवाब में कहा हां। फेसबुक ने कहा है कि वह थर्ड पार्टी ऐप द्वारा यूजर्स के निजी डेटा में सेंध लगाने को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहा है।

इसके साथ मार्क जुकरबर्ग ने माना है कि मैसेंजर पर भेजे जाने वाले मैसेज पर फेसबुक नजर रखता है। फेसबुक अपने मैसेंजर ऐप पर भेजे गए फोटो और लिंक को सुनिश्चित करने के लिए स्कैन करता है कि वे कंपनी के दिशानिर्देशों का पालन करते हैं या नहीं। फेसबुक के कम्यूनिटी स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं होने वाले किसी भी मैसेज को ब्लॉक कर दिया जाता है।

कैंब्रिज एनालिटिका के साथ फेसबुक ने जिन 8 करोड़ 87 लाख लोगों के निजी डेटा साझा किए हैं, उनमें ज्यादातर अमेरिका के रहने वाले हैं।कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम किया था। फेसबुक के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर माइक स्क्रोपर ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखकर ये जानकारी सार्वजनिक की है।

आपको बता दें कि फेक न्यूज स्टोरीज, चुनावों में हस्तक्षेप, प्राइवेसी से जुड़े स्कैंडल की मार झेल रही दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी को निवेशकों, यूजर्स, विज्ञापनदाताओं और राजनेताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को फेसबुक के शेयर 1.4 प्रतिशत गिरकर 153.90 प्रति डॉलर पहुंच गए।

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