मायावती ने मध्यप्रदेश में अपना दबदबा किया कायम, कांग्रेस सरकार ने मानी ये मांग

January 2, 2019 by No Comments

हेलो दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं 2019 के चुनाव अब काफी करीब हैं और इस चुनाव में कांग्रेस और बसपा के गठबंधन की बातें काफी जोरों पर हैं। हालांकि पूरी तरीके से इस बात का ऐलान नहीं किया गया है कि कांग्रेस और बसपा गठबंधन करेंगे लेकिन खबरें हैं कि इस बात का ऐलान भी जल्दी ही हो जाएगा। कांग्रेस और बसपा के गठबंधन से बीजेपी में काफी खलबली मची हुई है लेकिन यह गठबंधन क्या रंग लाएगा यह तो आने वाले चुनाव ही बताएंगे.
भले ही इस गठबंधन से बीजेपी पर काफी दबाव बना है लेकिन थोड़ा बहुत दबाव कांग्रेस पर भी नजर आ रहा है क्योंकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन से पहले अपनी कुछ शर्ते रखी है। दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं मध्यप्रदेश और राजस्थान में बहुमत से कुछ सीट कम होने के कारण कांग्रेस ने बसपा से गठबंधन किया था और इसी गठबंधन की बात आने वाले चुनावों में की जा रही है.

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बसपा सुप्रीमो मायावती की शर्त यह है कि यदि कांग्रेस को बसपा का समर्थन चाहिए तो पहले उन्हें राज्य के दलितों पर चल रहे मुकदमे वापस लेने होंगे यदि कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया तो बसपा अपना समर्थन वापस ले लेगी ऐसे में महागठबंधन के जरिए आगामी लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने का सपना सजाए हुए बैठे कांग्रेस में बसपा के सामने झुकते हुए उनकी शर्तों को मानने का फैसला कर लिया है.
कमल नाथ सिंह ने राज्य में दलितों पर चल रहे सभी प्रकार के केसों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है गृहमंत्री ने भी कहा है कि राज्य में राजनीतिक द्वेष के जितने भी केस दर्ज हैं उन सभी को वापस ले लिया जाएगा। मायावती में यह धमकी इसी साल अप्रैल में एससी एसटी एक्ट के तहत भारत बंद के दौरान हुए दंगे के मामले को वापस लेने के लिए दिया था.

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बसपा पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी राज्य में निर्दोष लोगों पर दंगे के आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं बसपा सुप्रीमो ने छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसानों व बेरोजगारों के लिए बेहतर से बेहतर फैसले लेने के लिए भी कहा है.

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