भीमा-कोरेगाँव हिंसा के पीछे BJP और RSS का हाथ: मायावती

January 2, 2018 by No Comments

मुंबई/ नई दिल्ली: नए साल के मौक़े पर सोमवार को जब दलित समाज के कुछ लोग एक प्रोग्राम में भाग लेने पुणे के पास जा रहे थे तभी इस समूह पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. बताया गया कि हमला करने वाले केसरिया रंग का झंडा भी लिए थे. असल में ये प्रोग्राम भीमा-कोरेगाँव युद्ध के बारे में था जिसमें पेशवा लोगों की ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से हार हो गयी थी. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को इस युद्ध में दलितों ने ही लीड किया था इसलिए दलित इसे ‘विजय दिवस’ के रूप में मनाते आये हैं. 1 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम के दौरान ही हिंसा की ख़बर आयी जिसमें एक आदमी की मौत हो गयी.

इसके बाद हिंसा बढ़ गयी और पुणे के अलावा मुंबई तक में पथराव की ख़बरें आयीं. ख़बरों के मुताबिक़ मीडिया के लोग भी इसमें हिंसा का शिकार हुए हैं.महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बारे में बयान दिया है. उन्होंने कहा,”ये जो घटना है ये रोकी जा सकती थी. सरकार को वहाँ सुरक्षा का उचित प्रबंध करना चाहिए था. वहाँ भाजपा की सरकार है और उन्होंने वहाँ हिंसा करायी, लगता है इसके पीछे भाजपा, आरएसएस और जातिवादी ताक़तों का हाथ है.” जिग्नेश मेवाणी ने लोगों से अपील की कि वो शांति बनाए रखें. महाराष्ट्र सरकार से भी उन्होंने कहा कि वो क़ानून के शासन की स्थापना करें. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने इस बारे में कहा कि भाजपा/आरएसएस की फ़ासीवादी सोच ये है कि दलित हमेशा भारतीय समाज के निचले पायदान पर रहें, ऊना, रोहित वेमुला और अब भीमा-कोरेगाँव प्रतिरोध के प्रबल प्रतीक हैं.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *